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जस्थान के बाद अब महाराष्ट्र सरकार को छत्तीसगढ़ का कोयला चाहिए। महाराष्ट्र पॉवर जनरेशन कंपनी छत्तीसगढ़ से कोयला निकालने जा रही है। इसका जिम्मा भी अडानी को दिया गया है। कोयला निकालने के लिए पेड़ काटे जा रहे हैं।
अडानी कंपनी के लिए वन विभाग यह पेड़ काटने वाला है। विष्णु सरकार ने पेड़ काटने की अनुमति दे दी है। पेड़ काटने के लिए ग्राम सभा की अनुमति नहीं ली गई है। एसडीएम ने सरपंच को फरमान जारी कर दिया है कि गांव वाले शांतिपूर्ण ढंग से पेड़ कटने दें। वहीं गांव वालों ने कहा है कि ग्राम सभा की अनुमति तक पेड़ काटने पर रोक लगाई जाए।
कोयले के लिए पेड़ कटना फिर शुरु
छत्तीसगढ़ के लिए कोयला बड़ी उलझन बन गया है। सरकार कमाई चाहती है तो लोग पेड़ बचाना चाहते हैं। छत्तीसगढ़ के घने जंगल के पेड़ लोगों के लिए प्राणवायु हैं। हसदेव जंगल में अडानी कंपनी राजस्थान की बिजली कंपनी के लिए कोयला निकालती है और इसलिए ही लाखों पेड़ काटे जा रहे हैं। अब राजस्थान के बाद महाराष्ट्र सरकार को भी अपनी बिजली के लिए छत्तीसगढ़ से कोयला चाहिए।
इस कोयले को निकाले के लिए महाराष्ट्र पॉवर जनरेशन कंपनी ने अडानी को ही अपना एमडीओ बनाया है। यानी अडानी कंपनी ही महाराष्ट्र पॉवर जनरेशन कंपनी को कोयला मुहैया कराएगी। इसके लिए फिर पेड़ काटे जाएंगे। अडानी कंपनी को कोयला निकालने के लिए यह पेड़ वन विभाग ही काटेगा। इन पेड़ों को काटने के लिए छत्तीसगढ़ की विष्णु सरकार ने अनुमति दे दी है। इन पेड़ों को काटने के लिए ग्रामसभा की अनुमति भी नहीं ली गई।
सरपंच को एसडीएम का फरमान
रायगढ़ जिले के घरघोड़ा के अनुविभागीय अधिकारी का पत्र 27 मार्च 2025 को मुडवारा गांव के सरपंच को आया। इस पत्र में लिखा था कि महाराष्ट्र पॉवर जनरेशन कंपनी को गारे पेलमा सेक्टर 2 में कोल ब्लॉक आवंटित किया गया है यानी खनिज पट्टा स्वीकृत किया गया है। इसके लिए 28 मार्च 2025 से पेड़ काटने की अनुमति फॉरेस्ट से मिल चुकी है। पेड़ काटने का काम 28 मार्च से वन विभाग ही करेगा। ग्राम मुड़ागांव की सरंक्षित वन भूमि में वन विभाग पेड़ काटने का काम करेगा। इस जानकारी के बाद इस पत्र में संकेत में फरमान भी सुनया गया है। इसमें लिखा गया है कि शांतिपूर्ण ढंग से पेड़ काटने के लिए ग्रामीणों के सहयोग की अपेक्षा है। इसलिए गांव वालों को सूचना देकर पेड़ काटने का काम सुचारु रुप से करवाएं।
यह है कोल ब्लॉक की स्थिति
यह कोल ब्लॉक गारे पेलमा सेक्टर में है।
यह कोल ब्लॉक 14 गांवों के अंतरगत आता है।
कोल ब्लॉक का कुल एरिया 2583 हेक्टेयर है।
इसमें 200 हेक्टेयर फॉरेस्ट एरिया है।
कोयला निकालने का काम अडानी कंपनी को मिला है।
कोयला निकालने के लिए हजारों पेड़ काटे जाएंगे।
वन विभाग ही काटेगा पेड़
ग्रामसभा की नहीं ली गई अनुमति
राजस्थान पॉवर कंपनी को हसदेव जंगल से पेड़ काटकर कोयला निकालने के लिए ग्राम सभा की फर्जी अनुमतियां ली गईं थी। लेकिन महाराष्ट्र के लिए तो ग्राम सभा की अनुमति ही नहीं ली गई। एसडीएम का पत्र आने के बाद गांव वालों ने पेड़ काटने का विरोध जताया है। सभी ग्रामवासियों की तरफ से सरपंच ने अब कलेक्टर को आवेदन दिया है। इस पत्र में कहा गया है कि महाराष्ट्र पॉवर जनरेशन कंपनी ने पेड़ काटने के लिए ग्रामसभा से अनुमति नहीं ली है।
और पेड़ों की कटाई शुरु कर दी गई है। जबकि यह मामला एनजीटी दिल्ली में विचाराधीन है। यह क्षेत्र पांचवीं अनुसूची और पेसा एक्ट के तहत आता है। धारा 244 ख में साफ कहा गया है कि ग्रामसभा की अनुमति के बिना कोई कार्यवाही नहीं हो सकती। इसलिए इस पेड़ कटाई पर रोक लगाई जाए।
हैरानी की बात है कि हसदेव का मामला अभी शांत नहीं हुआ है और सरकार ने एक और अनुमति जारी कर दी। गांव वाले कहते हैं कि यह अडानी का पॉवर है जो सरकार का ऑर्डर तत्काल हो जाता है। मामला एनजीटी में है तब भी सरकार पेड़ काटने की अनुमति दे रही है। सवाल यही है कि सरकार लोगों की है या अडानी की।


