नगर निगम आयुक्त का बड़ा प्रशासनिक फैसला, 70 वार्डों की विकास, निर्माण और जनसुविधाओं की निगरानी इंजीनियरों को सौंपी गई।
रायपुर। राजधानी रायपुर नगर निगम में विकास कार्यों में तेजी और जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से एक बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया गया है। नगर निगम आयुक्त ने शहर के सभी 70 वार्डों के लिए इंजीनियरों को वार्ड प्रभारी नियुक्त कर दिया है। अब सफाई व्यवस्था को छोड़कर निर्माण, मरम्मत, पाइप लाइन, स्ट्रीट लाइट, उद्यान, जलापूर्ति, अवैध निर्माण, प्रधानमंत्री आवास सहित लगभग सभी विकास कार्यों की निगरानी संबंधित इंजीनियर करेंगे।
बताया गया है कि नगरीय प्रशासन विभाग की समीक्षा बैठक में विकास कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई गई थी। इसके बाद आयुक्त ने तत्काल प्रभाव से नई व्यवस्था लागू करते हुए प्रत्येक इंजीनियर को एक या अधिक वार्डों की जिम्मेदारी सौंप दी है। संबंधित अधिकारी अब अपने वार्ड में चल रहे कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करेंगे और प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत करेंगे।
इन कार्यों की रहेगी जिम्मेदारी
सड़क एवं नाली निर्माण कार्य
पाइप लाइन और पेयजल व्यवस्था
स्ट्रीट लाइट एवं विद्युत संधारण
उद्यान एवं सार्वजनिक स्थलों का रखरखाव
प्रधानमंत्री आवास योजना की निगरानी
अवैध निर्माण एवं अतिक्रमण संबंधी निरीक्षण
सार्वजनिक शौचालय, तालाब एवं अन्य नागरिक सुविधाओं का रखरखाव
वार्डों में चल रहे विकास कार्यों की साप्ताहिक समीक्षा
नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक इंजीनियर अपने वार्ड में विकास कार्यों का निरीक्षण करेगा और आवश्यक सुधार सुनिश्चित करेगा। इससे कार्यों में पारदर्शिता बढ़ने के साथ ही समय पर परियोजनाओं के पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
क्या बदलेगी व्यवस्था?
नगर निगम का मानना है कि वार्ड स्तर पर एक जिम्मेदार अधिकारी तय होने से शिकायतों का त्वरित निराकरण होगा, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर निगरानी बढ़ेगी और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में गति आएगी।


