मानसिक रोगियों की बैरक में हुआ हमला, 250 कैदियों के बीच वारदात से मचा हड़कंप
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित सेंट्रल जेल में मंगलवार सुबह एक सनसनीखेज हत्या की घटना सामने आई। जेल के भीतर एक सजायाफ्ता कैदी ने अपने ही साथी कैदी पर पत्थरनुमा स्लैब से हमला कर उसकी निर्मम हत्या कर दी। घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। गंभीर रूप से घायल कैदी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
मृतक की पहचान नीलू जगत (27 वर्ष), पिता देवलाल, निवासी ग्राम दमनपुर, थाना कोटा, जिला बिलासपुर के रूप में हुई है। वह पॉक्सो एक्ट के एक मामले में 3 नवंबर 2024 से जेल में बंद था।
जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी के अनुसार घटना जेल की ई-1 बैरक में हुई, जहां मानसिक रूप से असामान्य एवं मनोचिकित्सकीय उपचार प्राप्त कर रहे कैदियों को रखा जाता है। बताया गया कि सुबह नीलू जगत बैरक में सो रहा था, जबकि कुछ कैदी लूडो खेल रहे थे। इसी दौरान आरोपी राजेश राय (40 वर्ष), निवासी ग्राम चमारी, जिला मुंगेली ने नाली का स्लैब तोड़कर उसके टुकड़े से नीलू के सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
250 से अधिक कैदियों के बीच हुई वारदात
घटना के समय बैरक में 250 से अधिक कैदी मौजूद थे। अचानक हुए हमले से अफरा-तफरी मच गई। जेलकर्मियों और अन्य कैदियों ने हस्तक्षेप कर आरोपी को काबू में किया। गंभीर रूप से घायल नीलू जगत को सिम्स मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां वेंटिलेटर पर उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
तीन हत्याओं का दोषी है आरोपी
आरोपी राजेश राय तीन हत्या और दो हत्या के प्रयास के मामलों में दोषसिद्ध है तथा वर्ष 2008 से सेंट्रल जेल में बंद है। जेल प्रशासन के अनुसार वह डिप्रेशन से पीड़ित है और उसका मानसिक उपचार चल रहा था। हाल ही में उसकी सजा माफी की अर्जी भी शासन द्वारा खारिज कर दी गई थी।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद जेल परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रारंभिक जांच में हत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस और जेल प्रशासन आरोपी से पूछताछ कर घटना की वजह जानने में जुटे हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि नाली को ढकने वाला भारी स्लैब कैदियों की पहुंच में कैसे आया और जेल के भीतर इतनी बड़ी घटना कैसे हो गई।
पुलिस जांच जारी
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद हत्या के पीछे की वास्तविक वजह और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों का खुलासा किया जाएगा। इस घटना ने जेल सुरक्षा व्यवस्था और कैदियों की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


