कोरबा शहर में यातायात अव्यवस्था की बड़ी वजह बन चुका है सड़क पर आटो डील का कारोबार। हालत यह है कि चाहे काफी हाउस के आगे की लाइन हो, गुरुघासी मोड़ से बुधवारी बाजार जाने वाली सड़क हो, मुडापारा जाने वाली सड़क हो या फिर सीतामढ़ी चौक — ऐसा कोई चौक-चौराहा नहीं बचा है जहां सड़क को घेरकर यह धंधा न चल रहा हो।
सड़क पर गाड़ियां खड़ी कर मरम्मत और खरीद-फरोख्त का काम खुलेआम चल रहा है, जिससे आम लोगों की आवाजाही मुश्किल हो गई है। आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है, लेकिन यातायात विभाग और नगर निगम पूरी तरह आंख मूंदे हुए हैं।
🔸 स्थानीय लोगों का गुस्सा
“हमारे घर से निकलना मुश्किल हो गया है, हर वक्त गाड़ियों की भीड़ और जाम रहता है।”
“नगर निगम टैक्स तो वसूलता है लेकिन सड़क पर कब्ज़े हटाने की हिम्मत नहीं करता।”
“बच्चे स्कूल तक जाने में देर कर देते हैं, एम्बुलेंस फंस जाती है, लेकिन प्रशासन को कोई परवाह नहीं।”
अब सवाल यह है कि आखिर नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस कब इस पर सख्ती दिखाएगी? या फिर कोरबा की सड़कें हमेशा ऐसे ही धंधेबाजों के कब्जे में रहेंगी।


