कोरबा | नारद मुनि न्यूज़ | संपादक: कन्हैया सोनी
छत्तीसगढ़ में नगर निकायों में एल्डरमैन (मनोनीत पार्षद) नियुक्ति को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। रायपुर नगर पंचायत में उपसरपंच को एल्डरमैन बनाए जाने के बाद अब बिलासपुर की सूची को लेकर भी राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। नियुक्तियों में नियमों की अनदेखी और संगठन की अनदेखी के आरोप लग रहे हैं।
रायपुर में क्या है मामला?
जानकारी के अनुसार, रायपुर नगर पंचायत में जारी सूची में अनिल तिवारी को एल्डरमैन नियुक्त किया गया है। बताया जा रहा है कि वे पहले से ही कोटा तहसील के ग्राम पंचायत में निर्वाचित उपसरपंच हैं।
पंचायती राज और नगरीय निकायों के जानकारों का कहना है कि एक व्यक्ति का एक साथ दो जनप्रतिनिधि पदों पर बने रहना नियमों के अनुरूप नहीं माना जाता। ऐसे में इस नियुक्ति को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
कार्यकर्ताओं में नाराजगी
सोशल मीडिया पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी नाराजगी जताई है। कई कार्यकर्ताओं का कहना है कि वर्षों से संगठन के लिए काम करने वालों की उपेक्षा कर ऐसे लोगों को मौका दिया गया, जिनका संगठन से जुड़ाव कम रहा है।
बिलासपुर में भी सूची पर विवाद
सूत्रों के अनुसार बिलासपुर नगर निगम के एल्डरमैनों की सूची को लेकर भी संगठन के भीतर सहमति नहीं बन पाई है। कई नामों को लेकर मतभेद सामने आए हैं, जिसके चलते सूची को अंतिम रूप देने में देरी हो रही है।
संगठन के भीतर बढ़ी चर्चा
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एल्डरमैन नियुक्तियों को लेकर उठे विवाद से संगठन के भीतर असंतोष की स्थिति बनी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार और संगठन इन विवादों पर क्या रुख अपनाते हैं।
नोट: नियुक्तियों को लेकर उठ रहे आरोपों और नियमों से जुड़े सवालों पर संबंधित पक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।



