गरियाबंद जिले के देवभोग थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मुड़ागांव में मूलभूत सुविधाओं को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। अपने ही गृह ग्राम में पिछले दो साल से सीसी सड़क न बनने से नाराज भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के जिला अध्यक्ष हेमंत नागेश ने सैकड़ों ग्रामीणों के साथ मिलकर नेशनल हाईवे 130-C पर चक्काजाम कर दिया।
इस प्रदर्शन में भारी संख्या में महिलाएं और पुरुष शामिल हुए। हालांकि, मौके पर मुस्तैद पुलिस बल ने कार्रवाई करते हुए करीब एक घंटे के भीतर ही प्रदर्शनकारियों को हाईवे से हटाकर रास्ता बहाल कर दिया।
क्या है पूरा मामला?
मुड़ागांव के आश्रित पारा करलाकोट के ग्रामीण पिछले दो वर्षों से सीसी सड़क के निर्माण की मांग कर रहे हैं।बारिश के मौसम में पूरा गांव कीचड़ के दलदल में तब्दील हो जाता है।सड़क की खस्ताहाल स्थिति के कारण आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस या अन्य गाड़ियां गांव के भीतर नहीं आ पाती हैं। पूरी बरसात के दौरान स्कूल जाने वाले बच्चों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
हेमंत नागेश (जिला अध्यक्ष, भाजयुमो) ने मौके पर कहा कि “प्रशासन ने हमें हाईवे से हटाने में जितनी तत्परता दिखाई, अगर उतनी ही तत्परता हमारी समस्या को सुलझाने में दिखाई होती, तो आज ग्रामीणों को सड़क पर बैठने की नौबत ही नहीं आती। प्रशासन लगातार हमारी मांगों की अनदेखी कर रहा है।”
मौके का फायदा उठाने पहुंची कांग्रेस
सत्तारूढ़ दल के ही एक विंग के जिला अध्यक्ष को अपनी सरकार के खिलाफ सड़क पर बैठा देख विपक्षी दल कांग्रेस भी तुरंत सक्रिय हो गई। कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुखचंद बेसरा ग्रामीणों को समर्थन देने प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। हालांकि, उनके पहुंचने से पहले ही पुलिस भीड़ को हटा चुकी थी।
मौके का जायजा लेने के बाद बेसरा ने भाजपा सरकार के विकास के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा”यह कैसा विकास है जहां सत्ताधारी संगठन के पदाधिकारियों को ही अपने गांव के विकास के लिए धरने पर बैठना पड़ रहा है? जब भाजपा सरकार अपने ही नेताओं के गांवों को दुरुस्त नहीं कर पा रही है, तो आम जनता का क्या होगा? विकास के सारे दावे सिर्फ खोखले हैं।”
प्रशासन का रुख
मामले को शांत कराने पहुंचे तहसीलदार अजय चंद्रवंशी ने बताया कि हाईवे से प्रदर्शनकारियों को हटाकर यातायात पूरी तरह सुचारू कर दिया गया है। ग्रामीणों और प्रदर्शनकारियों से उनकी मांगों का ज्ञापन ले लिया गया है, जिसे उच्च अधिकारियों के माध्यम से शासन तक पहुंचाया जाएगा ताकि जल्द से जल्द समस्या का निराकरण किया जा सके।


