कोरबा। अशोक वाटिका के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर कुणाल दुदावत का सख्त और तल्ख़ रुख देखने को मिला। पार्क में व्याप्त अंधेरा, बंद फाउंटेन और बदहाल रखरखाव को देखकर कलेक्टर ने मौके पर मौजूद अधिकारियों की कड़ी क्लास ली। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि अब किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कलेक्टर ने तत्काल निर्देश देते हुए कहा कि पूरे परिसर में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, फाउंटेन को पूरी क्षमता से चालू, बच्चों के झूले, खेल सुविधाएं और बैठने की व्यवस्था तुरंत दुरुस्त की जाए। उन्होंने कहा कि अशोक वाटिका शहर का प्रमुख सार्वजनिक स्थल है, लेकिन इसकी वर्तमान हालत प्रशासनिक उदासीनता की पोल खोल रही है।
कलेक्टर ने दो टूक कहा कि अशोक वाटिका को हर आयु वर्ग के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और आकर्षक मनोरंजन केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने सुधार कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी पर कड़ी कार्रवाई के संकेत देते हुए कहा कि अब जमीन पर बदलाव दिखना चाहिए, फाइलों में नहीं।
निरीक्षण के दौरान निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय, अपर आयुक्त विनय मिश्रा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


