अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा 2025 को संगठन निर्माण वर्ष घोषित किए जाने के बाद भी जमीनी हकीकत इससे उलट नजर आ रही है। जिले से बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने के बड़े दावों के बीच ब्लॉक और मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति अब तक अधर में लटकी हुई है।
संगठन सृजन अभियान लगभग समाप्ति की ओर बताया जा रहा है, लेकिन स्थिति यह है कि पीसीसी अब तक न तो अपनी पूरी कार्यकारिणी बना पाई है और न ही ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति कर सकी है। संगठन सृजन के नाम पर फिलहाल केवल जिला कांग्रेस अध्यक्षों की नियुक्ति ही हो पाई है।
कांग्रेस के 307 ब्लॉक और लगभग 1400 मंडल समितियों में अध्यक्षों की नियुक्ति की जानी है। मंडल अध्यक्षों की सूची तैयार होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन अब तक उसे जारी नहीं किया गया। वहीं ब्लॉक अध्यक्षों के चयन की प्रक्रिया अभी भी पूरी नहीं हो सकी है।
नव नियुक्त जिला अध्यक्षों को पहली बैठक में ही ब्लॉक अध्यक्षों के नाम भेजने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन गठन कब होगा, इस पर कोई स्पष्टता नहीं है। प्रदेश प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष और पर्यवेक्षकों द्वारा जिलों का दौरा कर नाम एकत्र किए गए, फिर भी सूची जारी नहीं होना संगठन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है।
सूत्रों के अनुसार प्रदेश और राष्ट्रीय नेतृत्व के बीच तालमेल की कमी और अंदरूनी खींचतान के चलते प्रक्रिया अटकी हुई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज की नियुक्ति को डेढ़ साल से अधिक समय बीत चुका है, इसके बावजूद संगठन अब भी पुरानी कार्यकारिणी के सहारे चल रहा है।
प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज का कहना है कि मंडल अध्यक्षों की सूची जल्द जारी की जाएगी और ब्लॉक अध्यक्षों के चयन की प्रक्रिया जारी है। हालांकि लंबे इंतजार ने कार्यकर्ताओं में असंतोष और असमंजस बढ़ा दिया है।


