छत्तीसगढ़ कांग्रेस संगठन में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर लंबे समय से चल रही चर्चा पर अब विराम लगता दिख रहा है।
सूत्रों के अनुसार, बिहार विधानसभा चुनाव और प्रदेश की राजनीतिक व्यस्तताओं के चलते संगठन फिलहाल जिला अध्यक्षों के नामों की घोषणा नवंबर तक टाल सकता है।
बताया जा रहा है कि संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और प्रभारी महासचिव सचिन पायलट को प्रदेश कांग्रेस की रिपोर्ट भेज दी गई है।
हालांकि, इस रिपोर्ट पर अभी राहुल गांधी स्तर पर अंतिम चर्चा बाकी है, जिसके बाद ही प्रदेश स्तर पर निर्णय लिया जाएगा।
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🔹 महिलाओं को मिलेगा प्रतिनिधित्व
कांग्रेस संगठन इस बार महिला नेताओं को अधिक अवसर देने की तैयारी में है।
कई जिलों में महिला चेहरों को जिला अध्यक्ष बनाए जाने के संकेत मिले हैं।
फिर भी कुल उम्मीदवारों की संख्या कम होने के कारण संगठन को संतुलन साधने में कठिनाई आ रही है।
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🔹 मौजूदा जिला अध्यक्षों के परफॉर्मेंस पर भी नजर
संगठन के सूत्रों के अनुसार, मौजूदा जिला अध्यक्षों के कार्यकाल और उनके प्रदर्शन की समीक्षा की जा रही है।
जिन अध्यक्षों ने पार्टी के कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया है, उन्हें फिर से मौका मिल सकता है।
वहीं जिन जिलों में संगठन निष्क्रिय रहा है, वहां नए चेहरों को मौका देने की संभावना है।
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🔹 राजनीतिक समीकरणों में संतुलन
प्रदेश के अधिकांश जिलों में जातीय और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए संगठन अजा, जजा और ओबीसी वर्गों को भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने पर जोर दे रहा है।
कई जिलों में सामान्य वर्ग से भी दावेदारों की संख्या अधिक है, जिससे चयन प्रक्रिया में देरी हो रही है।
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🔹 कब तक आएगा फैसला?
संगठन सूत्रों का कहना है कि अब नवंबर के पहले सप्ताह में ही अंतिम सूची जारी होने की संभावना है।
चुनावी माहौल और राहुल गांधी की व्यस्तता के कारण यह निर्णय फिलहाल स्थगित है।
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📜 निष्कर्ष:
> कांग्रेस आलाकमान ने फिलहाल जिला अध्यक्षों की नियुक्ति पर ब्रेक लगा दिया है।
सूत्रों का कहना है कि पार्टी इस बार महिला और सक्रिय कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देगी।
संगठन के पुनर्गठन की घोषणा नवंबर के पहले सप्ताह में हो सकती है।


