शहर में अतिक्रमण को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच डीएम रोड स्थित मनोज फोटो फ्रेमिंग एक बार फिर चर्चा में है। दुकान के सामने सड़क तक सामान फैलाकर सजावट की जा रही है, जिससे आम राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जहां एक ओर दुकान संचालक मनोज अग्रवाल द्वारा सोशल मीडिया पर “कब्जा हटाओ” जैसे संदेश रोज पोस्ट किए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर खुद उनकी दुकान के बाहर सड़क तक सामान फैला हुआ नजर आता है। यह दोहरी मानसिकता लोगों के बीच चर्चा और नाराजगी का कारण बन रही है।
⚠️ जनता में नाराजगी, उठ रहे सवाल
लोगों का कहना है कि अगर नियमों की बात की जाए तो उसका पालन सबसे पहले खुद करना चाहिए। सड़क पर इस तरह सामान फैलाना न केवल यातायात में बाधा बनता है बल्कि शहर की व्यवस्था को भी प्रभावित करता है।
📢 बड़े पद का दावा, जिम्मेदारी कहां?
बताया जा रहा है कि संचालक खुद को रेलवे समिति का प्रमुख भी बताते हैं और अक्सर बड़े नेताओं के साथ फोटो व विज्ञप्तियों में नजर आते हैं। लेकिन जमीनी स्तर पर नियमों का पालन न करना उनकी छवि पर सवाल खड़े कर रहा है।
🗣️ सीधा संदेश:
जनता का साफ कहना है –
“पहले खुद सुधरिए, फिर दूसरों को सुधारने की सलाह दीजिए।”
📌 निष्कर्ष:
कोरबा में अतिक्रमण हटाने की मुहिम तभी सफल होगी जब हर व्यक्ति, खासकर जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग, खुद नियमों का पालन करें। वरना ऐसे दोहरे रवैये से प्रशासनिक प्रयासों पर भी सवाल उठते रहेंगे।


