कोरबा की सियासत में गुरु–चेला की कहानी आज भी आम जुबान पर है। कहा जाता है कि जिस नेता को जोगेश लांबा के नेतृत्व और आशीर्वाद से पार्षद से महापौर की टिकट मिली, वही चेला कुछ ही वर्षों में अपने गुरु के लिए सबसे बड़ा राजनीतिक संकट बन गया।
हकीकत यह है कि लखन लाल देवांगन को पार्षद से महापौर तक पहुंचाने में जोगेश लांबा की निर्णायक भूमिका रही। लेकिन सत्ता का स्वाद ऐसा चढ़ा कि चेला गुरु की बात मुश्किल से एक साल तक ही सुन पाया। इसके बाद हालात ऐसे बदले जैसे उफनती नदी—गुरु सियासत में धराशायी होते गए और चेला दिन-ब-दिन राजशाही ठाठ में चढ़ता चला गया।
महापौर बनने के बाद लखन देवांगन की नगर विकास की ठोस उपलब्धियां गिनाना मुश्किल है, लेकिन एक बात जरूर शहर में चर्चा का विषय रही—
नगर के चौक-चौराहों पर तोड़फोड़ और फिर से निर्माण
डिवाइडर तोड़े गए, कुछ महीनों बाद फिर बनाए गए, और इस खेल ने निगम के बजट को किस कदर खोखला किया—इसका हिसाब आज तक साफ नहीं।
इसके उलट, व्यक्तिगत सियासी ग्राफ देखिए
पार्षद से महापौर,
महापौर से विधायक,
विधायक रहते संसदीय सचिव,
और अब उसी कार्यकाल में कैबिनेट मंत्री।
यही है सबसे बड़ी “उपलब्धि”।
नगर का विकास हो या न हो, यह बहस का विषय हो सकता है, लेकिन खुद का विकास दिन-दूनी और रात-चौगुनी रफ्तार से हुआ—यह सच्चाई आज आम जनता के सामने है।
कोरबा की राजनीति में यही तो चर्चा है—
गुरु गुड़ बन गया… और चेला शक्कर।

Share.

About Us

हमारी यह समाचार पोर्टल वेबसाइट नवीनतम ख़बरों, विस्तृत विश्लेषण और सामयिक घटनाओं की सटीक जानकारी प्रदान करती है। कन्हैया सोनी द्वारा स्थापित और संपादित, हम निष्पक्ष और विश्वसनीय समाचारों के प्रति समर्पित हैं।

Contact Us

 Editor: कन्हैया सोनी

Contact No.: +91 89596 82168
Email : kaniyason2521@gmail.com

Follow For More

© 2025 Soni Narad Muni News. All Rights Reserved. Developed by Nimble Technology

Exit mobile version