लगातार बारिश और सुरक्षा कारणों से लिया गया फैसला, तीरथगढ़ जलप्रपात रहेगा पर्यटकों के लिए खुला
जगदलपुर/बस्तर। मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ ही बस्तर घूमने की योजना बना रहे पर्यटकों के लिए महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है। लगातार हो रही बारिश और सुरक्षा संबंधी जोखिमों को देखते हुए कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान तथा विश्व प्रसिद्ध कोटमसर गुफा को अस्थायी रूप से पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। उद्यान प्रबंधन के अनुसार यह प्रतिबंध 1 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगा।
उद्यान प्रबंधन ने बताया कि बारिश के मौसम में कांगेर घाटी क्षेत्र में फिसलन, उफनते नाले, तेज जलप्रवाह और भूस्खलन जैसी परिस्थितियां बन जाती हैं। ऐसे में पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एहतियातन यह निर्णय लिया गया है।
प्रतिबंध अवधि के दौरान कोटमसर गुफा सहित राष्ट्रीय उद्यान के अधिकांश पर्यटन स्थलों पर आम पर्यटकों का प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा। इस दौरान नियमित पर्यटन गतिविधियां भी संचालित नहीं होंगी। वन विभाग और उद्यान प्रबंधन पूरे क्षेत्र की निगरानी करते हुए मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखेंगे।
हालांकि पर्यटकों के लिए राहत की बात यह है कि कांगेर घाटी क्षेत्र का प्रसिद्ध तीरथगढ़ जलप्रपात फिलहाल खुला रहेगा। मानसून के दौरान झरने का बढ़ा हुआ जलप्रवाह और प्राकृतिक सौंदर्य यहां आने वाले पर्यटकों को आकर्षित करता है।
प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश करने का प्रयास न करें और जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि किसी भी दुर्घटना या अप्रिय घटना से बचा जा सके।
गौरतलब है कि कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान बस्तर की प्रमुख प्राकृतिक धरोहरों में शामिल है। घने जंगल, दुर्लभ जैव विविधता, प्राकृतिक गुफाएं और मनमोहक जलप्रपात हर साल हजारों पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। सुरक्षा कारणों से हर वर्ष मानसून के दौरान कुछ महीनों के लिए उद्यान के कई हिस्सों को अस्थायी रूप से बंद रखा जाता है।
तीरथगढ़ जलप्रपात खुला रहेगा
मानसून के दौरान कोटमसर गुफा और कांगेर घाटी के कई हिस्से बंद रहेंगे, लेकिन तीरथगढ़ जलप्रपात में पर्यटक प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले सकेंगे। बारिश के मौसम में यहां का नजारा और भी आकर्षक हो जाता है।


