औचक निरीक्षण में महापौर संजूदेवी राजपूत ने दिखाई प्रशासनिक सक्रियता, अधिकारियों-कर्मचारियों को दिए व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश
कोरबा, 27 मई। नगर पालिक निगम कोरबा की महापौर संजूदेवी राजपूत ने बुधवार को निगम मुख्यालय साकेत भवन का औचक निरीक्षण कर यह स्पष्ट संदेश दिया कि निगम कार्यालय में स्वच्छता, अनुशासन और जनसेवा सर्वोच्च प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों एवं शाखाओं का बारीकी से जायजा लेते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यालयीन व्यवस्थाओं में सुधार लाने के निर्देश दिए।
महापौर ने निर्माण, स्थापना, लेखा, राजस्व, योजना, भवन निर्माण, संपदा, स्वच्छता, जलकर, जन्म-मृत्यु पंजीयन, विधि, जनसंपर्क, विद्युत, डाटा सेंटर तथा परिषद शाखा सहित विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यालय कक्षों की साफ-सफाई, दस्तावेजों के व्यवस्थित संधारण, फर्नीचर की उपलब्धता और कर्मचारियों के कार्यस्थल की स्थिति का अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान कार्यस्थल से अनुपस्थित पाए गए अधिकारियों-कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए।
महापौर संजूदेवी राजपूत ने कहा कि जो कर्मचारी शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित रखने का दायित्व निभाते हैं, उन्हें अपने कार्यस्थल को भी उसी स्तर पर व्यवस्थित रखना चाहिए। उन्होंने फाइलों और दस्तावेजों के सुव्यवस्थित रखरखाव पर जोर देते हुए कहा कि इससे कार्यों के निष्पादन में गति और पारदर्शिता दोनों बढ़ती हैं।
निरीक्षण के दौरान कई शाखाओं में फर्नीचर और कूलर की आवश्यकता सामने आने पर महापौर ने आवश्यकतानुसार कुर्सी, टेबल, कूलर तथा अन्य संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है, जिससे वे अधिक दक्षता और समर्पण के साथ कार्य कर सकें।
जनता के सम्मान और सुविधा पर विशेष जोर
महापौर ने निगम कार्यालय आने वाले आम नागरिकों की सुविधा को भी प्राथमिकता दी। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक विभाग में नागरिकों के बैठने की समुचित व्यवस्था की जाए तथा उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों-कर्मचारियों से कहा कि नागरिक जिस समस्या या कार्य को लेकर कार्यालय पहुंचते हैं, उसका समयबद्ध और संतोषजनक समाधान किया जाना चाहिए।



