बिलासपुर की राजनीति में इन दिनों अचानक हलचल तेज हो गई है और इसके केंद्र में कलेक्टर संजय अग्रवाल का नाम चर्चा में आ गया है। मंत्री के हालिया बयान और कलेक्टर की तारीफ ने राजनीतिक गलियारों में नए समीकरणों की अटकलों को हवा दे दी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह केवल सामान्य बयान नहीं, बल्कि एक संभावित रणनीतिक संकेत भी हो सकता है। लंबे समय से बिलासपुर शहर सीट पर भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल का दबदबा रहा है, लेकिन अब इस मजबूत गढ़ में बदलाव की चर्चाएं जोर पकड़ने लगी हैं।
सूत्रों की मानें तो पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में नए चेहरे पर दांव लगाने की रणनीति पर विचार कर सकती है। ऐसे में प्रमोटी आईएएस और वर्तमान कलेक्टर संजय अग्रवाल का नाम सामने आना कई राजनीतिक संकेत दे रहा है।
हालांकि भाजपा की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन मंत्री के बयान के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। यह भी कहा जा रहा है कि पार्टी अंदरखाने संभावित उम्मीदवारों पर मंथन कर रही है।
अब नजर इस बात पर टिकी है कि यह केवल सियासी चर्चा बनकर रह जाएगी या फिर वास्तव में बिलासपुर की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। फिलहाल कलेक्टर संजय अग्रवाल का नाम इस सीट की राजनीति में नई बहस और हलचल का कारण जरूर बन गया है।


