चुनावी ड्यूटी ने रोकी तबादलों की आंधी, कोरबा निगम की सियासत ठंडी—अभी नहीं हटेंगे आयुक्त
छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक ट्रांसफर पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। लंबे समय से कलेक्टर, एसपी, डीएफओ, जिला पंचायत सीईओ और डिप्टी कलेक्टरों के तबादलों की चर्चाएं तेज थीं, लेकिन सरकार ने साफ संकेत दे दिए हैं कि अभी कोई बदलाव नहीं होगा। अब मुमकिन है कि मई के पहले हफ्ते या 15 मई तक ही ट्रांसफर की प्रक्रिया आगे बढ़े।
दरअसल, पांच राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनावों के चलते छत्तीसगढ़ के कई अफसरों की ड्यूटी बाहर लगी हुई है। खासतौर पर पश्चिम बंगाल में अप्रैल अंत में मतदान होना है, जिससे बड़ी संख्या में अधिकारी चुनावी जिम्मेदारियों में व्यस्त हैं। सीएम सचिवालय के सूत्रों के मुताबिक, अफसरों के चुनाव से लौटने के बाद ही तबादलों की फाइल आगे बढ़ेगी। यानी साफ है कि मई ट्रांसफर का महीना बन सकता है।
कोरबा कनेक्शन:
कोरबा नगर निगम में भी ट्रांसफर को लेकर सियासी हलचल थी, लेकिन अब इस फैसले ने सत्ता पक्ष और विपक्ष—दोनों की उम्मीदों पर फिलहाल ब्रेक लगा दिया है। जिनकी नजरें आयुक्त की कुर्सी पर थीं, उन्हें अभी लंबा इंतजार करना पड़ेगा।
सबसे अहम बात यह है कि कोरबा के निगम आयुक्त अभी कहीं नहीं जा रहे हैं। यानी निगम की मौजूदा व्यवस्था जस की तस बनी रहेगी। सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, दोनों को अपनी रणनीति पर ब्रेक लगाकर हालात का इंतजार करना होगा।
कई जिलों के अधिकारी पहले ही बोरिया-बिस्तर बांधकर तबादले की आस लगाए बैठे थे, लेकिन अब उन्हें भी कम से कम डेढ़ महीने और इंतजार करना पड़ेगा। कुल मिलाकर, चुनावी माहौल ने प्रशासनिक फेरबदल की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है—और कोरबा में यह ब्रेक साफ तौर पर आयुक्त की कुर्सी को फिलहाल सुरक्षित कर गया है।


