छत्तीसगढ़ कांग्रेस में इन दिनों राजनीति कम और जलन विज्ञान ज़्यादा पढ़ाया जा रहा है। जैसे ही कांग्रेस में प्रियंका गांधी का कद और मजबूत हुआ, रायपुर के सत्ता गलियारों में एक पुराना नाम फिर से फुल वॉल्यूम में बजने लगा—भूपेश बघेल।
जो नेता कल तक कहते फिर रहे थे कि “भूपेश अब कहानी का क्लोज़ चैप्टर हैं”, वही आज कहानी में कैमियो रोल खोजते नजर आ रहे हैं। कोई बयान बदल रहा है, कोई मुस्कान, तो कोई अचानक याद दिला रहा है कि “हम तो पहले से साथ थे!”
दिल्ली से मिल रहे संकेत साफ हैं—पार्टी को अब ड्रॉइंग-रूम राजनीति नहीं, मैदान की मिट्टी से उठे चेहरे चाहिए। और इसी मिट्टी में भूपेश का नाम लिखे होने से कुछ नेताओं की राजनीतिक त्वचा पर मिर्ची रगड़ हो गई है।
पार्टी दफ्तर से लेकर चाय ठेलों तक चर्चा यही है—
“अगर भूपेश कमजोर होते,
तो इतनी मिर्ची क्यों लगती?” 🌶️😏
हालात यह हैं कि जो चेहरे कल तक दूरी बनाकर चलते थे,
आज वही नजदीकी फोटो एंगल तलाश रहे हैं।
राजनीति है साहब—
यहाँ हवा का रुख बदलते ही,
कई लोग छाता नहीं, चरित्र बदल लेते हैं।

Share.

About Us

हमारी यह समाचार पोर्टल वेबसाइट नवीनतम ख़बरों, विस्तृत विश्लेषण और सामयिक घटनाओं की सटीक जानकारी प्रदान करती है। कन्हैया सोनी द्वारा स्थापित और संपादित, हम निष्पक्ष और विश्वसनीय समाचारों के प्रति समर्पित हैं।

Contact Us

 Editor: कन्हैया सोनी

Contact No.: +91 89596 82168
Email : kaniyason2521@gmail.com

Follow For More

© 2025 Soni Narad Muni News. All Rights Reserved. Developed by Nimble Technology

Exit mobile version