कोरबा। जिला अधिवक्ता संघ के आगामी चुनाव को लेकर इस बार जबरदस्त राजनीतिक सरगर्मी देखने को मिल रही है। नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अध्यक्ष, सचिव सहित लगभग सभी प्रमुख पदों पर त्रिकोणीय मुकाबला बनता नजर आ रहा है, जिससे चुनाव और भी दिलचस्प हो गया है।
नाम वापसी के अंतिम क्षणों में लीना साहू द्वारा नामांकन वापस लेने के बाद महिला कार्यकारिणी के दो पदों पर यमुना मानिकपुरी और सुनिता पिल्ले निर्विरोध निर्वाचित हो गई हैं।
अध्यक्ष पद के लिए गणेश कुलदीप, शिवनारायण सोनी, संजय जायसवाल और राकेश दुबे मैदान में हैं। उपाध्यक्ष पद पर रवि शर्मा, एस.वी. पुरोहित, बालकराम बरेठ, बद्री मोदी, दीपक दुबे और नफीस खान के बीच कड़ा मुकाबला होगा। महिला उपाध्यक्ष पद के लिए उर्मिला भगत, सरिता पांडे और मंजुला पासवान चुनाव लड़ रही हैं।
सचिव पद पर सुनील यादव, रघुनंदन सिंह और चंद्रदीप शर्मा आमने-सामने हैं। कोषाध्यक्ष पद के लिए किरणभान शांडिल्य, अमर नाथ कौशिक और पुरुषोत्तम गोयल के बीच मुकाबला होगा। सह सचिव पद पर रवि भगत और लक्ष्मण पटेल चुनावी मैदान में हैं, जबकि महिला सह सचिव के लिए माधुरी बोरई और समीना खातून के बीच टक्कर है।
ग्रंथालय सचिव पद पर क्रांति श्रीवास, छतराम साहू, संतोष साहू और अशोक शर्मा उम्मीदवार हैं। कार्यकारिणी सदस्य (पुरुष) पद के लिए वरुण राठी, शिवकुमार साहू, स्वप्निल शर्मा, श्रवण थवाईत, करम प्रजापति, दीपेश साहू और आशीष सिंह के बीच मुकाबला तय है।
क्रीड़ा सचिव (पुरुष) पद पर हरिशंकर श्रीवास और महिला क्रीड़ा सचिव पद पर सावित्री धांधी का एकमात्र नामांकन आने से उनका निर्विरोध निर्वाचन लगभग तय माना जा रहा है।
निर्वाचन 12 अप्रैल को सुबह 8:30 बजे से शाम 4 बजे तक होगा, जिसमें 813 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
नूतनसिंह ठाकुर की रणनीति से 4 पदों पर निर्विरोध जीत
जिला अधिवक्ता संघ का चुनाव हमेशा से संघर्षपूर्ण रहा है, लेकिन इस बार करीब एक दशक बाद चार पदों पर निर्विरोध निर्वाचन संभव हुआ है। इसमें क्रीड़ा सचिव (पुरुष) हरिशंकर श्रीवास, महिला क्रीड़ा सचिव सावित्री धांधी, तथा महिला कार्यकारिणी में यमुना मानिकपुरी और सुनिता पिल्ले शामिल हैं।
इन निर्विरोध जीतों के पीछे नगर निगम सभापति एवं अधिवक्ता संघ के सचिव नूतनसिंह ठाकुर की रणनीति को अहम माना जा रहा है। लगातार तीन बार सचिव रह चुके ठाकुर की संघ में मजबूत पकड़ और व्यापक समर्थन के चलते उन्होंने अपने समर्थित प्रत्याशियों को निर्विरोध जिताने में सफलता हासिल की है।


