कोरबा – पुराना बस स्टैंड क्षेत्र के पास संचालित अंग्रेजी शराब दुकान को लेकर एक बार फिर कोरबा के पुराने हिस्से में नाराज़गी तेज हो गई है। वार्ड क्रमांक 4 से 12 तक के दुकानदारों और रहवासियों का आरोप है कि लंबे समय से शराब दुकान हटाने की मांग की जा रही है, लेकिन शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शराब दुकान के कारण क्षेत्र का सामाजिक माहौल लगातार बिगड़ रहा है। नशे में धुत लोगों की आवाजाही से दुकानों का व्यवसाय प्रभावित हो रहा है, वहीं महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को भी असुविधा और असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है।
व्यापारियों ने बताया कि लगभग छह माह पूर्व मध्यनगरी व्यापारी संघ, कोरबा के माध्यम से इस संबंध में ज्ञापन सौंपा गया था, जिसे लखन लाल देवांगन तक पहुंचाया गया। बावजूद इसके आज तक शराब दुकान को हटाने को लेकर कोई निर्णय सामने नहीं आया।
जनता यह भी सवाल उठा रही है कि वार्ड 4 से 12 तक विकास कार्यों का भूमि पूजन क्यों नहीं किया गया। लोगों का कहना है कि नए क्षेत्रों में तो गतिविधियां दिखाई देती हैं, लेकिन पुराना कोरबा लगातार उपेक्षित बना हुआ है।
स्थानीय नागरिकों ने यह भी याद दिलाया कि कुछ समय पूर्व दर्री क्षेत्र में एक निजी कंपनी की दीवार तुड़वाकर मंत्री ने जनता को राहत दी थी। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि पुराना बस स्टैंड के पास की शराब दुकान को हटाने में इतनी देरी क्यों की जा रही है।
अब पूरे क्षेत्र की निगाहें मंत्री जी पर टिकी हैं। जनता की मांग साफ है—
शराब दुकान हटे, तभी पुराने कोरबा को राहत मिले।


