राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वारा आरएसएस मुख्यालय नागपुर में आयोजित वार्षिक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बस्तर के आदिवासी नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम को आमंत्रित किए जाने पर छत्तीसगढ़ में सियासी हलचल शुरु हो गई है.

 

आरएसएस के आमंत्रण पर उठे विवाद को लेकर अरविंद नेताम ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. अरविंद नेताम ने कहा जब उन्हें आरएसएस की तरफ से आमंत्रण मिला तब वे स्वयं आश्चर्यचकित हुए.

नेताम ने कहा कि आदिवासी इलाके की समस्याओं को लेकर भाजपा से बात करने का ज्यादा फायदा नहीं है, बल्कि इसके लिए आरएसएस को कन्वेंस करना जरूरी है.

 

इससे पहले भी संघ के पदाधिकारियों से उनकी कई बार लंबी बातचीत हो चुकी है. उन्होंने यह भी माना कि आदिवासियों और आरएसएस के बीच वैचारिक मतभेद है और इसे कम करना जरूरी है.

इसलिए उन्होंने इस आमंत्रण को स्वीकार किया है.

कांग्रेस नेताओं को तकलीफ क्यों, मुझे नहीं मालूम
दरअसल आगामी 5 जून को संघ मुख्यालय नागपुर में वार्षिक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. जिसमे बस्तर के आदिवासी नेता और पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री अरविंद नेताम को मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया है.

 

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के बाद यह दूसरे कांग्रेसी नेता होंगे जो आरएसएस के कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं. उनका कहना है कि वह राजनीति से अब सन्यास ले चुके हैं.

 

उन्होंने कहा कि आरएसएस कोई छोटी-मोटी संस्था नहीं है, अंतरराष्ट्रीय स्तर की संस्था है.

 

ऐसे अंतरराष्ट्रीय स्तर की संस्था की बैठक में जाना जरूरी है. उन्होंने कहा कि इस बैठक में बस्तर और छत्तीसगढ़ में रहने वाले आदिवासियों के मुद्दों पर चर्चा होगी.

 

इसी चर्चा में शामिल होने के लिए उन्हें बुलाया गया है. वहीं उन्होंने कहा कि मेरे आरएसएस की बैठक में शामिल होने पर कांग्रेस के नेताओं को क्यों तकलीफ हो रही है. इस बारे में मुझे नहीं मालूम.

 

भाजपा या संघ नहीं ज्वॉइन कर रहा
अरविंद नेताम का कहना है कि मैने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है और मैं अब फ्रीलांसर हूं. मैं किसी भी संस्था की बैठक में शामिल हो सकता हूं.

 

हालांकि अरविंद नेताम ने कहा कि इस बैठक में मुख्य अतिथि के तौर पर जरूर वे शामिल होने जा रहे हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह भाजपा या आरएसएस ज्वॉइन कर रहे हैं.

 

उन्होंने इस तरह के आरोपों का खंडन किया है. साफ तौर पर कहा है कि वे राजनीति से सन्यास लेकर अब आदिवासी समाज के लिए काम कर रहे हैं.

 

चरणदास महंत ने दी तीखी प्रतिक्रिया
विधानसभा नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता चरणदास महंत ने इस मामले को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुझे आश्चर्य हो रहा है कि अरविंद नेताम को आरएसएस मुख्यालय में अतिथि क्यों बनाया गया है. इस मामले पर मैं उनसे बात कर जानने की कोशिश करूंगा कि वह आरएसएस में शामिल हो रहे हैं या एक वरिष्ठ आदिवासी नेता के तौर पर भाषण देने जा रहे हैं.

 

उन्होंने अरविंद नेताम के कांग्रेस पार्टी छोड़ने पर कहा कि अरविंद नेताम अगर पार्टी छोड़कर चले भी गए हैं तो इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी.

 

उन्होंने पहले भी बहुजन समाज पार्टी से चुनाव लड़ा था और फिर कांग्रेस में लौट आए. ऐसे नेताओं को बीजेपी में नहीं जाना चाहिए, मैं उनसे अनुरोध करूंगा कि वह भाजपा में न जाएं.

 

हालांकि नेताम ने चरणदास महंत के इस बयान पर स्पष्ट किया है कि वह इस कार्यक्रम में ट्राइबल के मुद्दे पर बात रखने जा रहे हैं.

 

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