कांग्रेस पार्टी ने लोकसभा चुनावों में संविधान की रक्षा को बड़ा मुद्दा बनाया था। उसने प्रचार किया कि मोदी सरकार तीसरी बार सत्ता में आई तो संविधान खत्म हो जाएगा। दूसरी तरफ ये भी कहा गया कि मोदी सरकार 3.0 आरक्षण खत्म कर देगी। इसकी गूंज मतदाताओं में सुनी गई और बीजेपी की सीटें घट गईं।
- संविधान बचाओ की गूंज गहरी करने में जुटी कांग्रेस पार्टी
- लोकसभा चुनावों में पार्टी ने संविधान का उठाया था मुद्दा
- अब उत्तर प्रदेश में संविधान सम्मान सम्मेलन का आयोजन
कांग्रेस पार्टी ने लोकसभा चुनावों में ‘संविधान बचाओ’ का नारा दिया और अपने मकसद में कुछ हद तक कामयाब भी रही। पार्टी अब इस सफलता से सीख लेकर संविधान बचाओ के आह्वान को आगे बढ़ाना चाहती है। इसके लिए पार्टी 24 अगस्त को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक सम्मेलन का आयोजन करने जा रही है। इस सम्मेलन में सभी देशवासियों से अपील की गई है कि वो ‘संविधान सम्मान सम्मेलन’ में शामिल हों। कांग्रेस ने ‘संविधान बचाओ’ नारे का साथ दाने वालों को ‘न्याय योद्धा’ का नाम दिया है।
कांग्रेस पार्टी के सम्मेलन की शुरुआत प्रयागराज के इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन कन्वेंशन सेंटर में 24 अगस्त को दोपहर एक बजे से शुरू होगा। पार्टी ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा है, ‘हमारा संविधान, हमारे अधिकारों का आधार है, हमारी पहचान है। देश के सभी न्याय योद्धाओं को आवाहन है…
24 अगस्त को 1 बजे इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन कन्वेंशन सेंटर आएं।’
कांग्रेस ने सम्मेलन के एजेंडे की एक झलक भी पेश की है। इसमें लिखा गया है, ‘वंचितों के हक और हिस्सेदारी के लिए, जाति जनगणना से हर वर्ग की न्यायपूर्ण भागीदारी के लिए, एक समृद्ध और समता पूर्ण भारत बनाने के लिए – साथ आएं और हमारे ‘संविधान सम्मान सम्मेलन’ से जुड़ें।’ आखिर में पार्टी ने लिखा है, ‘संविधान की रक्षा और सम्मान में अपना योगदान दें।’
कांग्रेस पार्टी ने लोकसभा चुनावों में मतदाताओं से कहा था कि मोदी सरकार तीसरी बार सत्ता में आई तो संविधान खत्म कर देगी। पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रचार किया था कि मोदी सरकार ने अबकी पार 400 पार का नारा इसीलिए दिया है ताकि मजबूत बहुमत आने पर वह संविधान बदल सके। पार्टी ने आरक्षण भोगी वर्ग के मतदाताओं के बीच यह प्रचार किया कि मोदी सरकार की वापसी हुई तो आरक्षण खत्म हो जाएगा। इसका फायदा कांग्रेस पार्टी को मिला और बीजेपी को नुकसान उठाना पड़ा। कांग्रेस इसी तरकीब पर आगे बढ़ना चाहती है।


