बरसात और तेज धूप में खुले आसमान के नीचे ड्यूटी दे रहे जवान, स्थायी शेड व सुरक्षा संसाधन उपलब्ध कराने की उठी मांग
कोरबा। शहर में हाल ही में हुए सड़क हादसे के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर ट्रैफिक पुलिस एक बार फिर प्रमुख चौक-चौराहों पर सक्रिय नजर आने लगी है। जिन स्थानों पर पहले लंबे समय तक ट्रैफिक जवान दिखाई नहीं देते थे, वहां अब उनकी नियमित तैनाती देखी जा रही है। इससे यातायात व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जगी है।
हालांकि, ट्रैफिक व्यवस्था को प्रभावी बनाने के साथ-साथ जवानों की कार्य परिस्थितियों पर भी ध्यान देने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इन दिनों लगातार बारिश का मौसम है, जबकि गर्मी के दिनों में यही जवान तेज धूप में घंटों सड़क पर खड़े होकर अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं।
शहरवासियों का कहना है कि पहले कई प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस के लिए छतरीनुमा शेड की व्यवस्था रहती थी, जिससे जवान धूप और बारिश से बचते हुए भी चौराहे पर मौजूद रहते थे। अब अधिकांश स्थानों पर ऐसी सुविधा नहीं होने के कारण कई बार जवान बारिश या तेज धूप से बचने के लिए आसपास की दुकानों या इमारतों की आड़ लेने को मजबूर हो जाते हैं। ऐसे में आम लोगों को लगता है कि चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस मौजूद ही नहीं है।
लोगों ने मांग की है कि शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस के लिए दोबारा स्थायी शेड या बड़ी छतरियों की व्यवस्था की जाए। साथ ही बारिश के मौसम को देखते हुए सभी ट्रैफिक जवानों को गुणवत्तापूर्ण रेनकोट और अन्य आवश्यक सुरक्षा सामग्री उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे बिना किसी असुविधा के लगातार अपनी ड्यूटी निभा सकें।
शहरवासियों का मानना है कि सड़क पर तैनात ट्रैफिक जवान भीषण गर्मी, बारिश और प्रदूषण के बीच अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं। ऐसे में उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना केवल उनकी सुरक्षा का ही नहीं, बल्कि बेहतर यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी महत्वपूर्ण कदम होगा। यदि प्रशासन इस दिशा में पहल करता है तो ट्रैफिक पुलिस की सक्रियता और प्रभावशीलता दोनों में और अधिक सुधार देखने को मिल सकता है।


