एक महीने में पांचवीं बंदी की मौत, जेल की सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर फिर उठे सवाल
बिलासपुर सेंट्रल जेल में बुधवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई। डबल मर्डर के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे बंदी राहुल उर्फ विकेश कंवर (46) ने कथित तौर पर जेल परिसर स्थित गैसीफायर प्लांट की जलती भट्ठी में कूदकर आत्महत्या कर ली। मृतक चांपा के बम्हनीडीह क्षेत्र का निवासी था और पिछले लगभग 10 वर्षों से जेल में बंद था।
जानकारी के अनुसार, जेल परिसर में लगे गैसीफायर प्लांट में लकड़ियों से गैस तैयार की जाती है, जिसका उपयोग जेल की रसोई में भोजन बनाने के लिए किया जाता है। घटना के समय प्लांट चालू था। इसी दौरान बंदी अचानक वहां पहुंचा और जलती भट्ठी में कूद गया। जेलकर्मियों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह, पुलिस और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जेल प्रबंधन से जानकारी लेकर जांच शुरू कर दी है।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कि मृतक डबल मर्डर के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था और करीब 10 वर्षों से जेल में बंद था। उन्होंने कहा कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि बिलासपुर सेंट्रल जेल में पिछले एक महीने के भीतर यह पांचवीं बंदी की मौत है। इससे पहले पॉक्सो के आरोपी नीलू जगत की जेल के भीतर हत्या, रायगढ़ निवासी रामभरोसे माझी की तबीयत बिगड़ने से मौत, तथा गतौरा निवासी राजू गोंड और धर्मेंद्र सिंह की भी जेल में मृत्यु हो चुकी है।
लगातार हो रही इन घटनाओं ने एक बार फिर बिलासपुर सेंट्रल जेल की सुरक्षा व्यवस्था, बंदियों की निगरानी और जेल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।


