कोरबा। बड़े ब्रांडेड ज्वेलरी शोरूमों द्वारा भ्रामक प्रचार एवं आकर्षक प्रलोभन वाली योजनाओं को लेकर छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन ने चिंता जताई है। एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री कार्यालय के नाम जिला कलेक्टर के माध्यम से पत्र भेजकर इस मामले में समान एवं प्रभावी कानूनी व्यवस्था बनाए जाने की मांग की है।
पत्र में कहा गया है कि ऐसी प्रचार योजनाओं से आम उपभोक्ताओं के बीच भ्रम की स्थिति पैदा होने के साथ पारंपरिक सराफा व्यापारियों की प्रतिष्ठा और व्यापारिक हित प्रभावित हो रहे हैं। एसोसिएशन ने सराफा व्यापारियों एवं पारंपरिक स्वर्ण कारीगरों के हितों की सुरक्षा के लिए आवश्यक नीतिगत एवं कानूनी प्रावधान किए जाने की मांग की है।
एसोसिएशन का कहना है कि सराफा एवं स्वर्ण आभूषण व्यवसाय केवल व्यापार नहीं, बल्कि देश की परंपरा, कला, संस्कृति और स्थानीय रोजगार से जुड़ा महत्वपूर्ण क्षेत्र है। देशभर में हजारों छोटे एवं मध्यम सराफा व्यापारी तथा लाखों स्वर्ण कारीगर इस व्यवसाय से जुड़े हैं।
पत्र में ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘आत्मनिर्भर भारत’ एवं स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय सराफा व्यापारियों और पारंपरिक स्वर्ण कारीगरों के हितों की रक्षा को भी आवश्यक बताया गया है।
एसोसिएशन ने सरकार से इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने की अपील की है।


