नारदमुनि न्यूज़ ने पहले ही उठाया था बिना नंबर अवैध ट्रैक्टरों और नाबालिग चालकों का मुद्दा, कार्रवाई होती तो शायद टल जाता यह हादसा
कोरबा। जिले के ग्राम पंचायत कुदुरमाल के भाटापारा में गुरुवार सुबह हुई दर्दनाक घटना ने प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने सड़क पर बैठे गौवंशों को बेरहमी से कुचल दिया। हादसे में 9 गौवंश वाहन की चपेट में आए, जिनमें 6 की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 3 गंभीर रूप से घायल हैं और उनका उपचार जारी है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस हादसे को रोका जा सकता था? नारदमुनि न्यूज़ का मानना है कि यदि प्रशासन समय रहते कार्रवाई करता, तो संभव है कि आज यह दर्दनाक घटना नहीं होती।
कुछ दिन पहले ही नारदमुनि न्यूज़ ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित कर प्रशासन और पुलिस का ध्यान बिना नंबर प्लेट के अवैध रेत ढो रहे ट्रैक्टरों तथा नाबालिग चालकों की ओर आकर्षित किया था। समाचार में स्पष्ट सवाल उठाया गया था कि खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले वाहनों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। इसके बावजूद संबंधित विभागों की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
इसी लापरवाही के बीच अब कुदुरमाल में यह हृदयविदारक हादसा सामने आया है, जिसने एक बार फिर कानून व्यवस्था और यातायात नियंत्रण पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण, गौ-सेवक और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची। मृत गौवंशों को हटाने के लिए जेसीबी से ट्रैक्टर में लादा गया, जिसे देखकर लोगों में नाराजगी फैल गई। लोगों का कहना था कि जिस गौमाता को समाज पूजनीय मानता है, उसके शवों को इस तरह मशीन से उठाना संवेदनहीनता को दर्शाता है।
मौके पर मौजूद भाजपा जिला मीडिया प्रभारी अर्जुन गुप्ता ने सब इंस्पेक्टर नवीन पटेल से दुर्घटना करने वाले वाहन चालक और वाहन मालिक के विरुद्ध होने वाली कार्रवाई की जानकारी मांगी, लेकिन उनके अनुसार कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला।
ग्रामीणों और गौ-सेवकों ने दोषी वाहन चालक और वाहन मालिक के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही घायल गौवंशों के समुचित उपचार और भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की मांग की है।
नारदमुनि न्यूज़ का सवाल
जब बिना नंबर प्लेट के वाहन, अवैध परिवहन और नाबालिग चालकों की जानकारी पहले से प्रशासन के पास थी, तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या यह दर्दनाक हादसा प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम नहीं है?
कानून का भय तभी दिखाई देगा, जब नियम तोड़ने वालों पर बिना भेदभाव सख्त कार्रवाई होगी।


