कोरबा की राजनीति में यदि किसी नाम के साथ आत्मीयता, संघर्ष और जनविश्वास जुड़ा है, तो वह नाम है जयसिंह अग्रवाल। 1 मार्च 1963 को जन्मे जयसिंह अग्रवाल ने छात्र राजनीति से लेकर छत्तीसगढ़ शासन में महत्वपूर्ण मंत्रालयों का दायित्व निभाते हुए अपनी अलग पहचान बनाई।
🏛️ छात्रसंघ से जननेता तक
वर्ष 1980 में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कोरबा के निर्विरोध छात्रसंघ अध्यक्ष चुने जाना उनके नेतृत्व का पहला प्रमाण था। सांसद प्रतिनिधि से लेकर SADA चेयरमैन और फिर मंत्री तक का सफर तय करते हुए उन्होंने जनसंवाद और जमीनी सक्रियता को कभी नहीं छोड़ा। उनकी राजनीति हमेशा जनता के बीच से शुरू होकर जनता तक ही पहुँची।
🏠 “पट्टा वाले भैया” — हक दिलाने वाला जनप्रतिनिधि
कोरबा के 67 वार्डों में हजारों परिवार आज भी उन्हें “पट्टा वाले भैया” के नाम से याद करते हैं। उनके कार्यकाल में झुग्गी-झोपड़ी में जीवन बिता रहे हजारों परिवारों को जमीन का मालिकाना हक मिला। अस्थायित्व से स्थायित्व की इस यात्रा ने उन्हें गरीबों का सच्चा संरक्षक बना दिया।
⚖️ सम्पत्तिकर पर ऐतिहासिक लड़ाई: हाईकोर्ट से मिली राहत
कोरबा नगर पालिक निगम के अंतर्गत सभी आय वर्ग के लोग निवास करते हैं। सम्पत्तिकर कम करने की मांग को लेकर नगर निगम की महापौर रेणु अग्रवाल ने सामान्य सभा में प्रस्ताव पारित कर शासन को भेजा, लेकिन इसके विपरीत कर दरें बढ़ा दी गईं।
जनभावनाओं का सम्मान करते हुए जयसिंह अग्रवाल ने शासन के निर्णय के खिलाफ जनहित याचिका दायर कर उच्च न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के निर्णय से कोरबावासियों को बड़ी राहत मिली और सम्पत्तिकर कम करने का आदेश दिया गया। यह केवल कर दरों की लड़ाई नहीं, बल्कि आम मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों के आर्थिक सम्मान की लड़ाई थी।
⚖️ भ्रष्टाचार पर सीधा प्रहार
मंत्री रहते हुए जयसिंह अग्रवाल ने प्रशासनिक अनियमितताओं और डीएमएफ फंड के दुरुपयोग जैसे मुद्दों पर खुलकर आवाज उठाई। उन्होंने तत्कालीन कलेक्टर रानू साहू की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। बाद में संबंधित मामलों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई और गिरफ्तारी ने उस समय उठाए गए मुद्दों को और चर्चा में ला दिया। वर्तमान में वे जमानत पर बाहर हैं।
🛒 फुटकर व्यापारियों के सहारा
फुटपाथ और ठेले पर व्यापार करने वाले छोटे व्यवसायियों के लिए जयसिंह अग्रवाल एक सुरक्षा कवच की तरह रहे। उनके कार्यकाल में मनमानी कार्रवाई और अनावश्यक जुर्माने की घटनाएं कम देखने को मिलीं। छोटे व्यापारी आज भी उस दौर को याद करते हैं जब प्रशासनिक सख्ती से पहले जनसंवेदनशीलता को प्राथमिकता दी जाती थी।
🎂 जन्मदिन: सेवा का संकल्प
1 मार्च को अपने जन्मदिन के अवसर पर जयसिंह अग्रवाल अपने निज निवास स्वर्ण सिटी में स्नेहीजनों, समर्थकों और क्षेत्रवासियों के साथ सादगीपूर्ण वातावरण में जन्मदिन मनाएंगे। यह दिन उत्सव से अधिक जनसंवाद, आशीर्वाद और सेवा का संकल्प दोहराने का अवसर होगा।
🏆 पद से बड़ा विश्वास
राजनीति में पद बदलते हैं, लेकिन विश्वास स्थायी होता है। सम्पत्तिकर की लड़ाई हो, गरीबों को पट्टा दिलाने की बात हो या भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज — हर मोर्चे पर उनकी सक्रियता ने उन्हें कोरबा में विशिष्ट स्थान दिलाया है।
यही कारण है कि कोरबा की जनता आज भी गर्व से कहती है —
“जनता के दिलों का मुख्यमंत्री: कोरबा का दबंग जननेता जयसिंह।”


