शहर की जर्जर यातायात व्यवस्था, अव्यवस्थित बाजार और सड़कों पर फैले अतिक्रमण को नजरअंदाज कर अब नगर निगम ने पावर हाउस रोड के व्यापारियों पर सीधा प्रहार करने की तैयारी कर ली है।
चार पहिया वाहनों की एंट्री बंद करने का प्रस्ताव अब “स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट” के नाम पर लागू किया जा रहा है, लेकिन हकीकत में यह फैसला हजारों व्यापारियों की रोजी-रोटी पर चोट बनकर सामने आ रहा है।
⚠️ “विकास” के नाम पर व्यापार खत्म करने की साजिश?
व्यापारियों का साफ कहना है कि यह योजना शहर को सुधारने के लिए नहीं, बल्कि एक सक्रिय व्यापारिक क्षेत्र को कमजोर करने के लिए लाई जा रही है।
जहां पूरे शहर में ट्रैफिक की समस्या विकराल है, वहां केवल पावर हाउस रोड को निशाना बनाना कई सवाल खड़े करता है।
🗣️ “हमसे पूछा तक नहीं गया” — व्यापारी आक्रोशित
सबसे बड़ा आरोप यह है कि जिस फैसले का सीधा असर व्यापारियों पर पड़ेगा, उसी निर्णय में उन्हें शामिल तक नहीं किया गया।
चैंबर ऑफ कॉमर्स ने बिना स्थानीय व्यापारियों की राय लिए सहमति दे दी
बैठक में प्रभावित दुकानदारों को बुलाया तक नहीं गया
बाहर के व्यापारियों के आधार पर फैसला थोप दिया गया
व्यापारियों का कहना है—
👉 “यह फैसला थोपने जैसा है, लोकतांत्रिक प्रक्रिया का मजाक बनाया गया है।”
📉 पहले ऑनलाइन मार्केट ने मारा, अब निगम देगा आखिरी झटका
पावर हाउस रोड के व्यापारियों का कहना है कि
पहले ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स ने उनके व्यापार को कमजोर कर दिया है,
अब निगम की यह नई व्यवस्था उनके लिए “आखिरी कील” साबित होगी।
ग्राहक दूर पार्किंग से ई-रिक्शा लेकर आएगा—तो आएगा ही क्यों?
भारी सामान खरीदने वाले ग्राहक सीधे ऑनलाइन चले जाएंगे
दुकानों तक माल पहुंचाने में भी भारी परेशानी होगी
👉 “ग्राहक सुविधा चाहता है, बाधा नहीं… और निगम बाधा खड़ी कर रहा है।”
🚫 पूरा शहर जाम में, लेकिन निशाना सिर्फ एक बाजार!
व्यापारियों ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा—
टीपी नगर
घंटाघर
सीएसईबी चौक
पुराना बस स्टैंड
बुधवारी
इन सभी जगहों पर रोज जाम लगता है,
फिर भी कार्रवाई सिर्फ पावर हाउस रोड पर क्यों?
👉 “क्या प्रशासन आसान टारगेट चुन रहा है?”
⚡ “पावर हाउस रोड कोई माल रोड नहीं है”
व्यापारियों ने स्पष्ट कहा है कि
पावर हाउस रोड पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि शहर का सबसे सक्रिय व्यापारिक केंद्र है।
यहां ग्राहक सुविधा ही सबसे बड़ा आधार है—
और उसी को खत्म करने की तैयारी की जा रही है।
🔥 चेतावनी: अब आर-पार की लड़ाई
व्यापारियों ने साफ ऐलान किया है—
👉 “अगर फैसला वापस नहीं हुआ तो पावर हाउस रोड पूरी तरह बंद रहेगा।”
अब सवाल यह है कि
क्या नगर निगम व्यापारियों की आवाज सुनेगा
या “विकास” के नाम पर टकराव की स्थिति पैदा करेगा?

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