केंद्र सरकार ने क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स की 10 मिनट में डिलीवरी की होड़ पर सख्त रुख अपनाते हुए रोक लगा दी है। केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने Blinkit, Zepto, Swiggy और Zomato समेत प्रमुख डिलीवरी एग्रीगेटर्स के साथ बैठक कर डिलीवरी की समय-सीमा हटाने पर सहमति बनवाई।
यह फैसला हैदराबाद में हुए सड़क हादसे से जुड़ा है, जिसमें एक डिलीवरी पार्टनर की जान चली गई थी। हादसे के बाद कंपनियों की तेज़ डिलीवरी संस्कृति पर सवाल खड़े हुए, वहीं Zepto द्वारा मृतक को कर्मचारी न मानने के बयान ने विवाद और बढ़ा दिया।
🛑 Blinkit ने हटाया ‘10 मिनट’ का दावा
सूत्रों के अनुसार Blinkit ने सरकारी निर्देश के बाद अपनी ब्रांडिंग से 10 मिनट की डिलीवरी का वादा हटा दिया है। संकेत हैं कि अन्य प्लेटफॉर्म भी जल्द यही कदम उठाएंगे। सरकार का कहना है कि यह निर्णय गिग वर्कर्स की सुरक्षा, संरक्षा और बेहतर कार्य परिस्थितियों को प्राथमिकता देने के लिए है।
🏛️ संसद में उठा था मुद्दा
इससे पहले राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने संसद में गिग वर्कर्स की दुर्दशा का मुद्दा उठाते हुए क्विक कॉमर्स और ऐप-आधारित सेवाओं के लिए स्पष्ट नियम, सामाजिक सुरक्षा और उचित वेतन की मांग की थी।
सरकार के इस कदम को डिलीवरी की रफ्तार से ऊपर इंसानी जान रखने वाला फैसला माना जा रहा है। अब देखना होगा कि अन्य कंपनियां कितनी जल्दी इस दिशा में ठोस बदलाव करती
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10 मिनट की डिलीवरी पर सरकार का ब्रेक! हैदराबाद हादसे के बाद Blinkit–Zepto–Swiggy पर शिकंजा, गिग वर्कर्स की जान से समझौता नहीं
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