भाजपा नेता शाकिर अंसारी का तंज— “क्या जोगेश लांबा का समर्थक होना गुनाह है, या मुस्लिम होना?”
कोरबा। नगर निगम में एल्डरमैन नियुक्ति के बाद भारतीय जनता पार्टी के भीतर दबे असंतोष की आवाज अब खुलकर सामने आने लगी है। जिन नेताओं और कार्यकर्ताओं को लंबे समय से उम्मीद थी कि संगठन उनके समर्पण का सम्मान करेगा, वे अब अपनी नाराज़गी सार्वजनिक रूप से व्यक्त कर रहे हैं।
इसी कड़ी में भाजपा नेता शाकिर अंसारी ने बातचीत में कहा कि वह वर्ष 2001 से भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में लगातार संगठन के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि एल्डरमैन बनाए जाने की इच्छा व्यक्त करते हुए महापौर संजू देवी राजपूत और उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन को आवेदन भी दिया था। उन्हें और उनके समर्थकों को पूरा विश्वास था कि वर्षों की मेहनत का सम्मान होगा।
लेकिन जब एल्डरमैन की सूची जारी हुई तो उनका नाम उसमें नहीं था। इस पर जब उन्होंने कारण जानना चाहा तो उन्हें कथित तौर पर यह जवाब मिला कि वह जोगेश लांबा के समर्थक हैं।
शाकिर अंसारी ने तीखा सवाल उठाते हुए कहा, “समझ नहीं आ रहा कि मेरा नाम इसलिए काटा गया क्योंकि मैं जोगेश लांबा का समर्थक हूं, या इसलिए कि मैं मुस्लिम समाज से आता हूं। पूरे कोरबा जिले में एक भी मुस्लिम समुदाय के व्यक्ति को एल्डरमैन नहीं बनाया गया। आखिर इसका जवाब कौन देगा?”
उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ की बात करती है, लेकिन यदि समर्पित कार्यकर्ताओं और अल्पसंख्यक समाज की अनदेखी होती रही तो इससे संगठन के भीतर गलत संदेश जाएगा।
एल्डरमैन नियुक्ति को लेकर उठे इस सवाल ने भाजपा के अंदर चल रही खींचतान और असंतोष की चर्चाओं को और तेज कर दिया है। अब देखने वाली बात होगी कि पार्टी नेतृत्व इन आरोपों और नाराज़गी पर क्या प्रतिक्रिया देता है।


