बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नबीन की छत्तीसगढ़ बीजेपी के प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी से विदाई लगभग तय मानी जा रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि छत्तीसगढ़ में पार्टी की कमान किस नए प्रभारी के हाथों सौंपी जाएगी?
बीजेपी ने हाल ही में राष्ट्रीय संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए नई टीम का ऐलान किया है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश, पंजाब और गुजरात जैसे राज्यों के लिए नए प्रभारियों की नियुक्ति भी कर दी गई है।
लेकिन छत्तीसगढ़ को लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं हुई है। यही देरी अब राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का विषय बन गई है। सवाल उठ रहा है कि क्या केंद्रीय नेतृत्व छत्तीसगढ़ में संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बैठाने वाले किसी अनुभवी चेहरे की तलाश में है?
दूसरी चर्चा यह भी है कि आने वाले समय में संगठन और सरकार के स्तर पर संभावित बदलावों को ध्यान में रखते हुए बीजेपी नेतृत्व किसी ऐसे नेता को जिम्मेदारी देना चाहता है, जो प्रदेश संगठन को चुनावी दृष्टि से मजबूत करने के साथ-साथ गुटीय समीकरणों को भी साध सके।
छत्तीसगढ़ बीजेपी के लिए नया प्रभारी महज संगठनात्मक नियुक्ति नहीं होगी, बल्कि आने वाले राजनीतिक दौर की दिशा तय करने वाला फैसला भी माना जा रहा है। खासकर विधानसभा चुनाव की तैयारियों को देखते हुए केंद्रीय नेतृत्व के सामने ऐसा चेहरा चुनने की चुनौती है, जिसकी संगठन पर पकड़ हो और कार्यकर्ताओं के बीच स्वीकार्यता भी।
उधर, कांग्रेस इस देरी को बीजेपी की अंदरूनी कमजोरी से जोड़कर सरकार और संगठन पर हमला बोलने की तैयारी में है। कांग्रेस का तर्क है कि यदि बीजेपी का संगठन पूरी तरह मजबूत है तो नए प्रदेश प्रभारी की
नियुक्ति में इतनी देरी क्यों हो रही है?
ऐसे में अब निगाहें बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व पर टिकी हैं। छत्तीसगढ़ के अगले प्रभारी का नाम कब सामने आता है और कौन सा चेहरा प्रदेश संगठन की कमान संभालता है—यह आने वाले दिनों की सबसे चर्चित राजनीतिक नियुक्तियों में से एक हो सकता है।



