लाल कपड़े में नारियल-चावल लेकर पहुंचीं शिक्षिका, डीईओ ने जारी किया कारण बताओ नोटिस
जांजगीर-चांपा। जिले में शिक्षा के मंदिर को शर्मसार करने वाली एक और घटना सामने आई है। इस बार बलौदा विकासखंड के ग्राम काठापाली स्थित सरकारी स्कूल में एक शिक्षिका ने गुम हुई सोने की बाली तलाशने के लिए बच्चों के सामने अंधविश्वास का सहारा लिया। घटना सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, शिक्षिका गीता कुम्भकार की सोने की बाली कहीं गुम हो गई थी। काफी तलाश के बाद भी जब बाली नहीं मिली, तो कथित रूप से किसी बाबा की सलाह पर वह लाल कपड़े में नारियल और चावल बांधकर स्कूल पहुंचीं। इसके बाद उन्होंने बच्चों के बीच जाकर कहा कि जिसने भी सोने की बाली ली है, वह उसे वापस कर दे, अन्यथा उसे बुरा परिणाम भुगतना पड़ेगा। बताया जा रहा है कि बच्चों से कसम भी दिलवाई गई।
घटना की जानकारी स्कूल के प्रधान पाठक और विद्यार्थियों के परिजनों तक पहुंची। मामला गंभीर होने पर इसकी सूचना ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (बीईओ) और जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को दी गई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी अशोक सिन्हा ने शिक्षिका गीता कुम्भकार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही बीईओ को पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी अशोक सिन्हा ने कहा कि काठापाली स्कूल की घटना उनके संज्ञान में आई है। शिक्षिका की कान की बाली स्कूल में कहीं खो गई थी। इसके बाद वह लाल कपड़े में नारियल और चावल लेकर बच्चों के बीच पहुंचीं और उनसे कसम दिलवाई। स्कूल में इस तरह अंधविश्वास या तंत्र-मंत्र जैसी गतिविधियां पूरी तरह अनुचित हैं। शिक्षिका को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। जांच रिपोर्ट और जवाब मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।



