निजी भूमि पर स्वामित्व का दावा, व्यवहार न्यायालय ने प्रथम दृष्टया वादी के पक्ष में माना मामला
कोरबा। दुरपा रोड एवं इंदिरा नगर क्षेत्र में रेलवे द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बीच एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। दुरपा रोड निवासी मजीद मेमन द्वारा दायर वाद पर सुनवाई करते हुए व्यवहार न्यायालय ने रेलवे के विरुद्ध यथास्थिति (Status Quo) बनाए रखने का अंतरिम आदेश जारी किया है।
गौरतलब है कि हाल ही में रेलवे प्रशासन ने दुरपा रोड एवं इंदिरा नगर के सैकड़ों कब्जाधारियों को मकान खाली करने के नोटिस जारी किए थे। इन नोटिसों में कुछ ऐसे लोगों के नाम भी शामिल थे, जो स्वयं को निजी भूमि का वैध स्वामी बता रहे हैं।
इन्हीं में से एक मजीद मेमन ने दावा किया कि उनका मकान निजी परिवर्तित भूमि खसरा नंबर 838/5 पर स्थित है तथा मकान के पीछे वे बर्फ फैक्ट्री का संचालन भी करते हैं। उन्होंने अपने अधिवक्ताओं सुरेश पटेल, जे. पी. पटेल एवं नूतन सिंह के माध्यम से व्यवहार न्यायालय में वाद प्रस्तुत कर स्थगन आदेश की मांग की।
मामले की प्रारंभिक सुनवाई के बाद न्यायालय ने प्रथम दृष्टया वादी के पक्ष में मामला पाया और 9 जुलाई 2026 को यथास्थिति बनाए रखने का अंतरिम आदेश जारी कर दिया।
अब इस मामले की आगामी सुनवाई में दोनों पक्षों के तर्कों एवं दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। फिलहाल न्यायालय के आदेश के बाद संबंधित संपत्ति पर रेलवे की कार्रवाई पर अस्थायी रोक लग गई है।


