भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष पद की दौड़ जैसे-जैसे तेज़ हो रही है, वैसे-वैसे संगठन के भीतर असल कार्यकर्ता और दिखावटी समर्थक के बीच की रेखा भी साफ होती जा रही है। हाल ही में शहर में लगाए गए एक भव्य स्वागत फ्लेक्स ने इसी सच्चाई को उजागर कर दिया है।
यह फ्लेक्स भाजपा जिला मंत्री वैभव शर्मा के नाम से बनवाया गया है, जो इन दिनों युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष बनने के लिए पूरी ताकत झोंकने की चर्चा में हैं। लेकिन जिस बात ने पार्टी कार्यकर्ताओं को चौंकाया, वह है फ्लेक्स के नीचे लगे चेहरों की फेहरिस्त।
सूत्रों के अनुसार, इनमें से अधिकांश चेहरे न तो भाजपा युवा मोर्चा से जुड़े हैं,
न ही वे किसी संगठनात्मक पद पर हैं,
और न ही उम्र या सक्रियता के लिहाज़ से “युवा” की श्रेणी में आते हैं।
बल्कि ये चेहरे सीधे तौर पर लखन लाल देवांगन के स्टाफ या उनके आसपास सक्रिय लोगों से जुड़े बताए जा रहे हैं।

यही कारण है कि अब पार्टी के भीतर यह सवाल खुलकर पूछा जा रहा है—
👉 क्या युवा मोर्चा का अध्यक्ष कार्यकर्ताओं से बनेगा या मंत्री कार्यालयों के स्टाफ से?
वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि संगठनात्मक पदों की होड़ में अब ज़मीन पर काम करने वाले युवाओं की बजाय
📌 फोटो खिंचवाने वाले चेहरे
📌 फ्लेक्स में जगह बनाने वाले नाम
📌 और मंत्री स्टाफ के सहारे शक्ति प्रदर्शन
को प्राथमिकता दी जा रही है।
युवा मोर्चा जैसे संगठन में जहां ऊर्जा, संघर्ष और युवाओं की भागीदारी निर्णायक होनी चाहिए, वहां इस तरह का फ्लेक्स यह संदेश देता है कि दावेदारी संगठन से नहीं, समीकरण से तय की जा रही है।
यह फ्लेक्स अब स्वागत का नहीं, बल्कि
⚠️ संगठनात्मक सच्चाई का आईना
⚠️ युवा नेतृत्व की दिशा पर सवाल
⚠️ और पोस्टर बनाम परिश्रम की राजनीति
का प्रतीक बन चुका है।
अब निगाहें इस बात पर हैं कि भाजपा नेतृत्व इस “स्टाफ मोर्चा मॉडल” को स्वीकार करता है या फिर वास्तव में युवाओं को आगे लाने का फैसला लेता है।


