गोरखपुर के शाहपुर इलाके के अकोलवा चौक के पास किराये के कमरे में रहने वाले सिपाही की पत्नी का शव गुरुवार को संदिग्ध हाल में फंदे से लटकता मिला। फॉरेंसिक टीम ने खुदकुशी की आशंका जाहिर की है, लेकिन उसके दोनों पैर जमीन और हाथ बेड पर टिके होने की वजह से पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट के इंतजार में है। मऊ से विवाहिता के भाई के आने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस हत्या या आत्महत्या के बीच उलझी है।
जानकारी के मुताबिक, मऊ जिले के दोहरीघाट थाना क्षेत्र के धनौडी गांव निवासी आशीष राय पुलिस विभाग में 2006 बैच का सिपाही है। वर्तमान में कैंट थाने के पीआरवी 319 पर कार्यरत है। वह पत्नी साधना राय (उम्र 32 वर्ष) और दस वर्षीय बच्चे आयुष और तीन वर्षीय बच्ची आरुही के साथ शाहपुर इलाके के अकोलवा के पास किराये के घर में रहता है। पड़ोसियों ने बताया कि सिपाही शराब पीने का आदी है और आए दिन मारपीट करता था। बुधवार की रात में भी घर आने के बाद उसने पत्नी के साथ मारपीट की थी। बच्चों के शोर मचाने पर बगल के कमरों में रहने वाले लोगों ने मामले को शांत कराया था।
गुरुवार की सुबह पत्नी साधना ने चाय बनाई। इसके बाद पति ने दरवाजे के बाहर कुंडी लगा दी। बेटा पास के घर में खेलने चला गया था। थोड़ी देर बाद अंदर से बच्ची के लगातार रोने की आवाज सुनकर लोग गए तो शव फंदे से लटक रहा था। पार्षद चंद्रभान प्रजापति की सूचना पर शाहपुर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पति को बुलाया तो आते ही वह घर में रखे मंदिर में तोड़फोड़ करने लगा। इसके बाद पुलिस ने लड़की के मायके वालों से बात की। साधना के भाई से पुलिस की बातचीत हुई तो उसने आने तक शव को फंदे से उतारने से मना कर दिया। देर शाम भाई के आने के बाद पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।


