चेक मीटर से मिलान में सभी रीडिंग समान मिलने का दावा, भिलाई की NABL लैब में 74 स्मार्ट मीटरों की भी हुई जांच
रायपुर। स्मार्ट मीटर की रीडिंग को लेकर नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत द्वारा सवाल उठाए जाने के बीच बिजली वितरण कंपनी ने अपना पक्ष रखते हुए स्मार्ट मीटरों की रीडिंग को 100 प्रतिशत सटीक बताया है। कंपनी का दावा है कि प्रदेश में अब तक 4,800 से अधिक परिसरों में स्मार्ट मीटर की रीडिंग का चेक मीटर से मिलान किया गया है। कंपनी के अनुसार, सभी मामलों में दोनों मीटरों की रीडिंग समान पाई गई।
बिजली कंपनी ने स्मार्ट मीटरों की विश्वसनीयता को लेकर किए जा रहे परीक्षणों का हवाला देते हुए बताया कि भिलाई स्थित राष्ट्रीय परीक्षण और अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (NABL) से मान्यता प्राप्त टेस्टिंग लैब में उपभोक्ताओं के सामने 74 स्मार्ट मीटरों की जांच की गई। कंपनी के मुताबिक परीक्षण के दौरान इन सभी मीटरों में बिजली की खपत सही दर्ज पाई गई।
कंपनी का कहना है कि प्रदेश में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) और केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) के निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं। स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया प्रदेश में फरवरी 2024 से जारी है।
बिल में गड़बड़ी लगे तो मुफ्त जांच
बिजली वितरण कंपनी के एमडी भीम सिंह कंवर ने बताया कि यदि किसी उपभोक्ता को बिजली बिल में किसी तरह की विसंगति दिखाई देती है तो वह इसकी शिकायत कर सकता है। शिकायत मिलने पर परिसर में तकनीकी जांच की सुविधा उपलब्ध है। जरूरत पड़ने पर चेक मीटर भी लगाया जाता है।
खास बात यह है कि तकनीकी जांच और चेक मीटर लगाने के लिए उपभोक्ता से कोई शुल्क नहीं लिया जाता। कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि बिल या मीटर की रीडिंग को लेकर किसी तरह की शंका होने पर वे शिकायत दर्ज कराकर जांच की सुविधा का लाभ उठाएं।
गर्मी में बढ़ी बिजली की खपत
कंपनी ने रायपुर संभाग के तीन लाख से अधिक उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण भी किया है। आंकड़ों के अनुसार मार्च से जून के दौरान बिजली की खपत में वृद्धि दर्ज की गई।
कंपनी के मुताबिक गर्मी के मौसम में एसी, कूलर, पानी पंप और इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग जैसे उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ने के कारण बिजली की खपत में इजाफा हुआ। इसके बाद मौसम में बदलाव के साथ खपत में कमी दर्ज की गई।
अगस्त में मई से 32 से 57 प्रतिशत तक कम हुई खपत
बिजली कंपनी के अनुसार अगस्त महीने में मई की तुलना में बिजली की खपत में 32 से 57 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई। कंपनी ने कहा कि गर्मी कम होने के साथ एसी और कूलर जैसे उपकरणों का इस्तेमाल घटने से बिजली की खपत में भी कमी आई है।
हर 30 मिनट की खपत देख सकेंगे उपभोक्ता
एमडी भीम सिंह कंवर ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं को अपनी बिजली खपत की जानकारी देखने की सुविधा भी मिल रही है। उपभोक्ता ‘मोर बिजली’ एप और वेब पोर्टल के माध्यम से अपनी बिजली खपत को हर 30 मिनट के अंतराल पर देख सकते हैं।
इस सुविधा से उपभोक्ता अपने घर या प्रतिष्ठान में बिजली की खपत पर नजर रख सकते हैं। यदि किसी समय खपत सामान्य से अधिक दिखाई देती है तो वे इसकी जानकारी लेकर आवश्यक कदम उठा सकते हैं।
शिकायत के लिए 1912 पर करें संपर्क
बिजली बिल, स्मार्ट मीटर की रीडिंग अथवा बिजली से जुड़ी किसी अन्य समस्या के लिए उपभोक्ता 1912 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। बिजली कंपनी का कहना है कि स्मार्ट मीटरों की रीडिंग को लेकर उपभोक्ताओं की किसी भी शंका का तकनीकी जांच के माध्यम से समाधान किया जाएगा।
इस तरह स्मार्ट मीटर की रीडिंग को लेकर राजनीतिक सवालों के बीच बिजली वितरण कंपनी ने 4,800 से अधिक परिसरों में किए गए मिलान और 74 मीटरों के लैब परीक्षण का हवाला देते हुए अपनी रीडिंग को 100 प्रतिशत सटीक बताया है।



