बुधवारी बाजार से एक मजेदार लेकिन राजनीतिक संदेश देने वाला मामला सामने आया है। यहां रोज कमाकर खाने वाले सब्जी विक्रेताओं ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि उन्हें सिर्फ आश्वासन नहीं, तुरंत समाधान चाहिए।
विशेष सूत्रों के मुताबिक, बाजार में बाहर बैठकर सब्जी बेचने वालों की समस्या को लेकर कांग्रेस के दो पार्षद पहुंचे और उन्होंने विक्रेताओं को एकजुट होकर धरना देने का प्रस्ताव दिया। पार्षदों ने भरोसा दिलाया कि वे उनके हक की लड़ाई सड़क पर लड़ेंगे।
विक्रेताओं ने समझदारी दिखाते हुए तुरंत हामी नहीं भरी और कहा कि “हम विचार करके बताएंगे।” लेकिन अगले ही दिन उन्होंने अलग ही रास्ता चुन लिया। सभी सब्जी विक्रेता सीधे महापौर संजू सिंह राजपूत के घर पहुंच गए और अपनी समस्या सामने रखी।
बताया जा रहा है कि महापौर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत समाधान की दिशा में कदम बढ़ाए, जिससे सब्जी विक्रेताओं की परेशानी दूर हो गई।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक साफ संदेश दिया—रोज कमाकर खाने वाले लोग अब लंबी राजनीति या धरने के बजाय सीधे समाधान पर भरोसा कर रहे हैं। वहीं, मुद्दा हाथ से निकल जाने के बाद दोनों पार्षदों को निराश होकर लौटना पड़ा।
अब बाजार में चर्चा है—“धरना बाद में, काम पहले… और भरोसा सीधे महापौर पर!” 😄



