मुख्यमंत्री को पत्र लिख शहर अध्यक्ष मुकेश राठौर ने गिनाईं सिलसिलेवार वारदातें, शीर्ष पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग
कोरबा। कांग्रेस के कोरबा शहर अध्यक्ष मुकेश राठौर ने जिले में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं को लेकर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में उन्होंने आरोप लगाया कि कोरबा में हत्या, लूट, जानलेवा हमले और महिलाओं के विरुद्ध अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे आम नागरिक भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर हैं।
राठौर ने कहा कि जिले की कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और जिम्मेदार अधिकारी अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में विफल साबित हो रहे हैं। उन्होंने पत्र में हाल के कई चर्चित मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि सार्वजनिक उपक्रमों की कोयला खदानों तक में अपराधियों का दबदबा बढ़ गया है। सरायपाली खदान में गुटीय संघर्ष के दौरान गोली मारकर हत्या, सुरक्षा कर्मियों को बंधक बनाकर डीजल और कबाड़ की लूट तथा कुछ मामलों में पुलिसकर्मियों की कथित मिलीभगत जैसे घटनाक्रम कानून व्यवस्था की गंभीर स्थिति को उजागर करते हैं।
उन्होंने कहा कि अपराध केवल खदान क्षेत्रों तक सीमित नहीं हैं। शहर और ग्रामीण इलाकों में भी अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। रशियन हॉस्टल के पास से लोहे का विशाल पुल काटकर चोरी कर लिया गया। कटघोरा के घुचापुर में भाजपा नेता अक्षय गर्ग की हत्या, रजगामार में महिला की निर्मम हत्या, मोतीसागर पारा में युवक की पीट-पीटकर हत्या, पवन टॉकीज रेलवे क्रॉसिंग के पास सिर कुचलकर हत्या, कोतवाली थाने में नशेड़ी का हंगामा, सिल्वर सेंटर के संचालक की घर में हत्या, स्क्रैप व्यापारी अशरफ सहित तीन लोगों की सिलसिलेवार हत्याएं तथा चैतमा में युवक की हत्या कर शव के 17 टुकड़े करने जैसी घटनाओं ने पूरे जिले को झकझोर दिया है।
राठौर ने कहा कि ये केवल कुछ चर्चित घटनाएं हैं। पिछले ढाई वर्षों में जिले में सैकड़ों गंभीर आपराधिक मामले सामने आए हैं, लेकिन अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से जनता का कानून व्यवस्था पर विश्वास कमजोर पड़ रहा है।
महिला सुरक्षा पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि बालको में एक किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हाल ही में पंप हाउस क्षेत्र में घर लौट रही युवती पर चाकू से हमला जैसी घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वाहन हटाने के विवाद में पुलिस अधिकारी के बेटे को बोलेरो से कुचल दिया गया तथा कोसाबाड़ी में भाजपा नेता पर जानलेवा हमला भी अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस का उदाहरण है।
राठौर ने नवपदस्थ कोतवाली थाना प्रभारी के कुछ घंटों के भीतर हुए तबादले पर भी सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक हस्तक्षेप का उदाहरण बताया। हाल ही में ज्वेलरी दुकान में हथियारबंद बदमाशों द्वारा लूट के प्रयास का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यदि दुकान संचालक साहस नहीं दिखाता तो बड़ी घटना हो सकती थी।
कांग्रेस शहर अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि कोरबा जिले की कानून व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा कराई जाए, शीर्ष पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए तथा अपराधियों के विरुद्ध कठोर और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।


