कोरबा। नगर कोतवाली में नए थाना प्रभारी के रूप में निरीक्षक डीएन तिवारी ने मंगलवार को पदभार ग्रहण कर लिया। उन्होंने कानून व्यवस्था को मजबूत करने, अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और जनता के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने की बात कही है। यह पुलिस विभाग की सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
हालांकि, शहर में एक सवाल भी चर्चा का विषय बना हुआ है—क्या केवल थाना प्रभारी बदलने से अपराधों पर प्रभावी अंकुश लग जाएगा?
कोरबा में पिछले कुछ समय से चोरी, मारपीट, नशे से जुड़े अपराध और अन्य आपराधिक घटनाओं को लेकर लोगों में चिंता रही है। ऐसे में आम नागरिकों की अपेक्षा केवल नए अधिकारी की नियुक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि वे अपराध नियंत्रण के लिए लगातार और ठोस कार्रवाई देखना चाहते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि कानून व्यवस्था केवल एक अधिकारी के भरोसे नहीं चलती। बेहतर पुलिसिंग के लिए पूरी टीम की सक्रियता, नियमित गश्त, खुफिया तंत्र की मजबूती, त्वरित कार्रवाई और जनता का सहयोग भी उतना ही आवश्यक है।
अब लोगों की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि नए थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस अपराध नियंत्रण, नशे के खिलाफ कार्रवाई और आम नागरिकों की सुरक्षा के क्षेत्र में कितनी प्रभावी पहल करती है। अंततः किसी भी अधिकारी का मूल्यांकन उसके कार्यकाल के परिणामों से ही होगा, न कि केवल पदभार ग्रहण करने से।



