🟦 कोरबा की सियासत में अभी से विधानसभा चुनाव की चर्चा तेज, तीन नामों पर टिकी राजनीतिक पंडितों और आम जनता की नजर
कोरबा। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से कोरबा विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। राजनीतिक पंडितों के अनुसार क्षेत्र के चौक-चौराहों से लेकर राजनीतिक गलियारों तक संभावित उम्मीदवारों को लेकर चर्चाएं जमकर चल रही हैं।
इस चर्चा में तीन प्रमुख नाम विशेष रूप से सामने आ रहे हैं—पूर्व विधायक एवं पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल, कोरबा नगर निगम की महापौर संजू देवी सिंह राजपूत तथा वर्तमान विधायक एवं छत्तीसगढ़ सरकार के कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन।
आम चर्चा में यह संभावना व्यक्त की जा रही है कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस अपने-अपने मजबूत जनाधार वाले नेताओं को मैदान में उतार सकती हैं। हालांकि अंतिम रूप से टिकट किसे मिलेगा, इसका फैसला संबंधित राजनीतिक दलों के नेतृत्व द्वारा ही किया जाएगा।
कांग्रेस की बात करें तो पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल की क्षेत्र में राजनीतिक पकड़ से इनकार नहीं किया जा सकता। लंबे समय से सार्वजनिक जीवन और राजनीति में सक्रिय रहने के कारण कांग्रेस की टिकट की दावेदारी में आज भी उनका नाम आम जनता की जुबान पर प्रमुखता से लिया जाता है।
वहीं दूसरी ओर कोरबा नगर निगम की महापौर संजू देवी सिंह राजपूत ने पिछले महापौर चुनाव में लगभग 50 हजार मतों के भारी अंतर से जीत हासिल कर अपनी मजबूत जनस्वीकृति का प्रदर्शन किया था। इस बड़ी जीत ने कोरबा नगर निगम के चुनावी इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ दिया।
इसी वजह से कोरबा विधानसभा क्षेत्र में भी आम जनता के बीच चौक-चौराहों पर संजू देवी सिंह राजपूत को लेकर चर्चा सुनने को मिलती रहती है। विशेष रूप से नारी सम्मान और महिला नेतृत्व को लेकर उनके प्रति समर्थन की चर्चा राजनीतिक हलकों में अपना अलग स्थान बना रही है।
🟨 “नारी सम्मान का आंचल संजू देवी सिंह के साथ दिल से संगठित है पूर्वांचल”
यह वाक्य इन दिनों क्षेत्रीय राजनीतिक चर्चाओं में एक अलग ही संदेश देता नजर आ रहा है। संजू देवी सिंह राजपूत की महापौर चुनाव में बड़ी जीत के बाद उनके राजनीतिक प्रभाव और जनसमर्थन को लेकर चर्चाओं का दायरा भी बढ़ा है।
इधर वर्तमान विधायक लखन लाल देवांगन छत्तीसगढ़ सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं और राज्य सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। विधायक के रूप में उनका वर्तमान कार्यकाल और मंत्री के रूप में उनकी भूमिका भी आगामी विधानसभा चुनाव की चर्चाओं में उन्हें स्वाभाविक रूप से प्रमुख नाम बनाती है।
ऐसे में कोरबा विधानसभा क्षेत्र में आगामी चुनाव के मद्देनजर भाजपा और कांग्रेस—दोनों दलों की संभावित टिकट दावेदारी को लेकर इन तीनों नामों की चर्चा राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
हालांकि किस पार्टी से किसे टिकट मिलेगा, कौन चुनाव मैदान में उतरेगा और जनता का अंतिम फैसला किसके पक्ष में जाएगा—यह तो भविष्य के गर्भ में छिपा है।
फिलहाल इतना जरूर है कि विधानसभा चुनाव से काफी पहले ही कोरबा की राजनीतिक फिजा में संभावित उम्मीदवारों को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है और आने वाले समय में यह तस्वीर और भी स्पष्ट होने की संभावना है।



