छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में सोने का बड़ा खनिज भंडार मिलने की पुष्टि हुई है। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) ने बसना तहसील के करणखोल-राचपालपुर क्षेत्र में 302.1 किलोग्राम सोने और संबद्ध आधार धातुओं का अनुमान लगाया है। करीब 150 हेक्टेयर क्षेत्र में हुए जी-3 स्तर के अन्वेषण में सोने की सांद्रता 0.06 से 0.24 PPM तक मिली है। दो नमूनों में यह 0.1 PPM से अधिक पाई गई।
इस ब्लॉक की नीलामी केन्द्र सरकार की एजेंसी MSTC के माध्यम से की जा रही है। देश-विदेश की कई नामी कंपनियों ने सोना एवं बेस मेटल्स की खदान में रुचि दिखाई है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह खनिज ब्लॉक राज्य की खनिज संपदा और राजस्व में बड़ा योगदान दे सकता है तथा रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
इसी के साथ खनिज विभाग कुल 5 ब्लॉकों की नीलामी कर रहा है—बलरामपुर जिले के धुलंगी, ओरंगा और रेवतीपुर में बेस मेटल्स, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के गोपालटोला में आयरन ओर तथा कबीरधाम के भीकुरिया-छंटा और जगमड़वा-हनाईबांध में लाइमस्टोन ब्लॉक शामिल हैं। 17 नवंबर तक टेंडर जमा होंगे और 19 नवंबर को खोलने की प्रक्रिया पूरी होगी। सीमेंट और स्टील कंपनियों में इन ब्लॉकों को लेकर खास उत्साह देखा जा रहा है।
उधर 10 साल पहले नीलाम हुई बलोदाबाजार जिले की सोनाखान सोना खदान में भी खुदाई की शुरुआत हो गई है। वेदांता लिमिटेड द्वारा जीती गई 608 हेक्टेयर क्षेत्र वाली इस खदान में लगभग 2700 किलो सोने का अनुमान है। 5 नवंबर को भूमिपूजन के साथ यहां कार्य शुरू हुआ और यह देश की चौथी सक्रिय सोना खदान बन गई है।


