छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी ने लागू की नई व्यवस्था, सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक खबरों का किया खंडन
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी ने बिजली उपभोक्ताओं को राहत देते हुए लेट पेमेंट सरचार्ज की नई व्यवस्था लागू कर दी है। अब बिजली बिल का भुगतान निर्धारित तिथि के बाद होने पर पूरे महीने का सरचार्ज नहीं लगेगा, बल्कि जितने दिन की वास्तविक देरी होगी, केवल उतने ही दिनों का अधिभार देना होगा।
पावर कंपनी द्वारा जारी स्पष्टीकरण में बताया गया है कि राज्य विद्युत नियामक आयोग की नई व्यवस्था उपभोक्ताओं के हित में लागू की गई है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर लेट पेमेंट सरचार्ज को लेकर “दोहरे झटके” जैसी खबरें पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन हैं।
पहले क्या थी व्यवस्था?
पुरानी व्यवस्था के तहत यदि कोई उपभोक्ता बिल भुगतान में केवल एक-दो दिन भी देर करता था, तो उससे पूरे महीने का 1.5 प्रतिशत लेट पेमेंट सरचार्ज वसूला जाता था। इससे उपभोक्ताओं को अनावश्यक अतिरिक्त राशि चुकानी पड़ती थी।
अब क्या बदला?
नई व्यवस्था के तहत अब लेट पेमेंट सरचार्ज 0.04 प्रतिशत प्रतिदिन की दर से लिया जाएगा। यानी उपभोक्ता जितने दिन की देरी करेगा, केवल उतने ही दिनों का शुल्क देना होगा।
एक दिन की देरी पर राहत
यदि किसी कारणवश बिल भुगतान में केवल एक दिन की देरी होती है, तो अब पूरे महीने का सरचार्ज नहीं लगेगा। ऐसे में केवल 0.04 प्रतिशत का ही अधिभार देना होगा।
30 दिन की देरी पर भी कम भार
यदि कोई उपभोक्ता पूरे 30 दिन की देरी से भुगतान करता है, तब भी कुल सरचार्ज 1.2 प्रतिशत (0.04% × 30 दिन) ही होगा, जो पहले लागू 1.5 प्रतिशत से कम है।
कंपनी की अपील
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी ने आम जनता और समाचार माध्यमों से अपील की है कि वे केवल सही और आधिकारिक जानकारी ही साझा करें। कंपनी के अनुसार नई व्यवस्था से उपभोक्ताओं को राहत मिली है, न कि अतिरिक्त आर्थिक बोझ। सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक खबरों पर ध्यान न देने की भी अपील की गई है

