जब पुलिस की नजर आम नागरिक की नंबर प्लेट पर तुरंत पड़ जाती है, तो बिना नंबर के अवैध बालू ढोते ट्रैक्टर आखिर किसकी नजरों से ओझल हैं? अगर कार्रवाई सिर्फ कमजोर लोगों पर होगी और अवैध कारोबार करने वालों को खुली छूट मिलेगी, तो जनता कानून पर नहीं, व्यवस्था पर सवाल उठाएगी। अब समय आ गया है कि दिखावे की नहीं, बराबरी की कार्रवाई हो। उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन और महापौर को भी इस मुद्दे पर प्रशासन से जवाब मांगना चाहिए। उनकी खामोशी भी जनता के बीच कई सवाल खड़े कर रही है।”



