छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जे) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने कहा कि उनकी पार्टी का कांग्रेस में विलय कराने का प्रस्ताव करीब एक वर्ष पहले कांग्रेस हाईकमान को भेजा गया था, लेकिन अब तक इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा से प्रभावी मुकाबले के लिए कांग्रेस को सहयोग की आवश्यकता पड़ेगी और जनता कांग्रेस (जे) इसके लिए तैयार है।
रायपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में अमित जोगी ने कहा कि वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में विपक्षी दलों को एकजुट होकर भाजपा का सामना करना चाहिए। इस दौरान उन्होंने और डॉ. रेणु जोगी ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के लेखों पर आधारित “दृष्टिकोण” और “सदी के मोड़” पुस्तकों का विमोचन भी किया।
जनता कांग्रेस 2.0 की शुरुआत
अमित जोगी ने “जनता कांग्रेस 2.0” अभियान की घोषणा करते हुए संगठन में बड़े बदलाव का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि पार्टी अब युवा नेतृत्व और तकनीक आधारित राजनीति पर जोर देगी। युवा विंग के पुनर्गठन के तहत ईश्वर उपाध्याय को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। साथ ही नशा, बेरोजगारी और अन्याय के खिलाफ प्रदेशव्यापी अभियान चलाने की घोषणा की गई।
लगातार घटता गया राजनीतिक प्रभाव
अजीत जोगी के नेतृत्व में जनता कांग्रेस (जे) ने वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में 5 सीटें जीतकर लगभग 7.6 प्रतिशत वोट हासिल किए थे। लेकिन वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में पार्टी एक भी सीट नहीं जीत सकी और उसका मत प्रतिशत घटकर 1 प्रतिशत से भी नीचे पहुंच गया।
अब अमित जोगी संगठन को नए स्वरूप में खड़ा करने और कांग्रेस के साथ संभावित राजनीतिक तालमेल की संभावनाओं को लेकर सक्रिय नजर आ रहे हैं। आने वाले समय में कांग्रेस हाईकमान के फैसले पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।


