राहुल गांधी और वरिष्ठ नेताओं के साथ संगठन विस्तार पर मंथन, बस्तर-सरगुजा में जनआंदोलन की
रूपरेखा तैयार
प्रदेश में माओवादी हिंसा का प्रभाव कमजोर पड़ने के बाद कांग्रेस ने आदिवासी क्षेत्रों में अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ाने की रणनीति बनाई है। पार्टी अब जल, जंगल और जमीन से जुड़े मुद्दों को केंद्र में रखकर बस्तर और सरगुजा संभाग सहित आदिवासी बहुल क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।
अभनपुर में आयोजित कांग्रेस के शहर एवं जिला अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर में संगठन विस्तार, जनसंपर्क और आदिवासी अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया गया। पार्टी नेताओं को स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाकर आम लोगों के बीच सक्रिय रहने का संदेश दिया गया।
बताया जा रहा है कि कांग्रेस नेता Rahul Gandhi तथा प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं के साथ संगठन विस्तार और आगामी राजनीतिक रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई। इसके तहत बस्तर और सरगुजा संभाग में जनआंदोलन खड़ा करने की रूपरेखा भी तैयार की गई है।
आदिवासी कांग्रेस सलाहकार परिषद का गठन
आदिवासी समाज से जुड़े मुद्दों पर समन्वित रणनीति तैयार करने और संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय बनाने के उद्देश्य से हाल ही में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने छत्तीसगढ़ आदिवासी कांग्रेस सलाहकार परिषद का गठन किया है। परिषद में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Deepak Baij सहित 19 वरिष्ठ आदिवासी नेताओं को शामिल किया गया है।
इसके अलावा लगभग 30 नेताओं को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया है, जिनमें पूर्व सांसद, पूर्व विधायक, जिला कांग्रेस अध्यक्ष, राष्ट्रीय समन्वयक तथा जिला पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधि शामिल हैं। पार्टी का उद्देश्य स्थानीय मुद्दों पर प्रभावी हस्तक्षेप करते हुए आदिवासी क्षेत्रों में संगठनात्मक पकड़ को और मजबूत करना बताया जा रहा है।



