छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के व्यापारिक और औद्योगिक परिदृश्य में बदलाव करते हुए व्यापारियों को बड़ी राहत दी है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने हाल ही में एक अधिसूचना जारी कर नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों में संचालित 43 श्रेणी के व्यवसायों के लिए ‘ट्रेड लाइसेंस’ (व्यापार अनुज्ञप्ति) लेने या उसके नवीनीकरण की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है।
नवंबर 2025 में लागू किए गए छत्तीसगढ़ नगर पालिका (व्यापार अनुज्ञापन) नियम, 2025 में संशोधन करते हुए राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है। नए प्रावधानों के अनुसार, यदि किसी व्यापारी या प्रतिष्ठान के पास पहले से ही संबंधित विभाग या नियामक संस्था द्वारा जारी वैध लाइसेंस या पंजीकरण मौजूद है, तो उन्हें अब स्थानीय निकाय से अलग से ट्रेड लाइसेंस लेने की आवश्यकता नहीं होगी। यह कदम राज्य में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (व्यापार करने की सुगमता) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
पंजीयन शुल्क अभी भी जरूरी
हालांकि, इस बदलाव का मतलब यह नहीं है कि नगर निकायों की भूमिका पूरी तरह समाप्त हो गई है। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि ट्रेड लाइसेंस की अनिवार्यता खत्म होने के बावजूद, संबंधित व्यापारियों को नगर पालिका के नियमों के तहत निर्धारित पंजीयन शुल्क का भुगतान करना अनिवार्य होगा।
इन व्यवसायों को मिला लाभ
इस सूची में कुल 43 श्रेणियों को शामिल किया गया है, जो दैनिक जीवन और अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हैं। इनमें किराना दुकानें, फल-सब्जी विक्रेता, डेयरी उत्पाद, बेकरी, मिठाई की दुकानें, रेस्टोरेंट, कैटरिंग प्रतिष्ठान, क्लाउड किचन, मांस-मछली विक्रेता और स्ट्रीट फूड विक्रेता शामिल हैं। इसके अलावा होटल, लॉज, गेस्ट हाउस, सिनेमाघर, कोचिंग संस्थान, जिम, ब्यूटी पार्लर, मेडिकल स्टोर, अस्पताल, बैंक, वित्तीय संस्थान, आईटी-बीपीओ प्रतिष्ठान, वेयरहाउस, ई-कॉमर्स फुलफिलमेंट सेंटर और औद्योगिक कारखाने भी इस दायरे में आते हैं।
व्यापारियों की प्रक्रिया होगी सरल
व्यापारियों का कहना है कि यह निर्णय स्वागत योग्य है। पहले उन्हें दुकान एवं स्थापना पंजीयन, एफएसएसएआई (FSSAI) लाइसेंस, औषधि लाइसेंस या फैक्ट्री लाइसेंस के अलावा नगर निकाय से भी अलग से परमिट लेना पड़ता था, जो अनावश्यक कागजी कार्रवाई को बढ़ाता था। अब वैध दस्तावेजों के साथ पंजीकरण शुल्क जमा करने मात्र से ही काम आसान हो जाएगा। राज्य सरकार के इस फैसले से अनावश्यक अनुमतियों का बोझ कम होगा और छोटे-बड़े सभी व्यापारियों के लिए व्यवसाय संचालन की राह और आसान हो सकेगी।


