कोरबा। कोरबा नगर निगम के सभापति नूतन सिंह राजपूत को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा फैसला लिया है। पार्टी द्वारा पहले उन्हें 6 वर्षों के लिए निष्कासित किया गया था, लेकिन कल देर रात पार्टी नेतृत्व ने उनका निष्कासन आदेश रद्द कर दिया। इस निर्णय के बाद उनके समर्थकों और पूरे कोरबा जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है।
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि नूतन सिंह राजपूत की मजबूत जनपकड़, कार्यकर्ताओं के बीच उनकी लोकप्रियता और नगर निगम में उनकी सक्रिय कार्यशैली को देखते हुए पार्टी को अपना फैसला बदलना पड़ा। बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भी पार्टी नेतृत्व के सामने अपनी भावना रखी थी।
नूतन सिंह राजपूत लंबे समय से कोरबा की राजनीति में सक्रिय रहे हैं और आम जनता के बीच उनकी अलग पहचान मानी जाती है। सभापति के रूप में उन्होंने कई जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया, जिसके कारण उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती रही।
जैसे ही निष्कासन रद्द होने की खबर सामने आई, उनके समर्थकों में उत्साह का माहौल बन गया। कई जगहों पर कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटकर और एक-दूसरे को बधाई देकर खुशी जाहिर की। समर्थकों का कहना है कि यह फैसला नूतन सिंह राजपूत की कार्यशैली और जनसमर्थन की जीत है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस फैसले से भाजपा को कोरबा जिले में संगठनात्मक मजबूती मिलेगी और आगामी राजनीतिक गतिविधियों में पार्टी को इसका लाभ भी मिल सकता है।
बुरा ना मानो होली है



