भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने SIR (Special Summary Revision) को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मतदाताओं की शुद्ध सूची बेहद जरूरी है। रायपुर शहर में ही करीब एक लाख नाम कट सकते हैं, क्योंकि कई लोगों का पता बदल चुका है और कुछ की मृत्यु हो चुकी है। उनके मुताबिक SIR की प्रक्रिया से मतदान केंद्रों की संख्या बढ़नी चाहिए और फर्जी मतदाताओं के नाम हटाए जाने चाहिए।
इधर, कांग्रेस ने इस बयान पर जोरदार पलटवार किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व सांसद दीपक बैज ने कहा कि यदि एक लाख नाम कटने वाले हैं, तो इसका मतलब भाजपा मान रही है कि इतने फर्जी मतदाता सूची में हैं और उन्हीं की बदौलत वे चुनाव जीतते रहे। बैज ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा के इशारे पर काम करता है और ये फर्जी नाम भी भाजपा की सरकार रहते ही जुड़े थे। कांग्रेस का कहना है कि वह भी फर्जी नाम हटाने के पक्ष में है, लेकिन प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए।
उधर, प्रशासनिक टीम डोर-टू-डोर सर्वे में जुटी है। BLO घर-घर जाकर गणना पत्र भरवा रहे हैं, जिसमें मतदाता का नाम, पता, उम्र, फोटो समेत सभी जानकारी मिलाई जा रही है। नए मतदाताओं का नाम जोड़ा जा रहा है, जबकि मृतक या स्थानांतरित लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं। इसके बाद सुधारित मतदाता सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा।
SIR को लेकर अब राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो चुकी है और शहर की नजरें संशोधित सूची पर टिकी हैं।


