राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित अनेक गणमान्यजन हुए शामिल, महाप्रभु से प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना
रायपुर। राजधानी रायपुर के गायत्री नगर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर परिसर में गुरुवार को भगवान श्री जगन्नाथ की दिव्य एवं भव्य रथयात्रा श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुई। “जय जगन्नाथ” के गगनभेदी जयघोष, शंखनाद और भक्ति संगीत की मधुर स्वर लहरियों के बीच हजारों श्रद्धालुओं ने महाप्रभु के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। पूरा मंदिर परिसर आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया।
इस पावन अवसर पर महामहिम राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर विधायक एवं श्री जगन्नाथ मंदिर के संयोजक पुरंदर मिश्रा, भाजपा के संगठन सह प्रभारी डॉ. राजीव सिंह सहित प्रदेश के अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने भगवान श्री जगन्नाथ, माता सुभद्रा और भगवान बलराम की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, शांति और खुशहाली की मंगलकामना की।
पूजा-अर्चना के उपरांत अतिथियों ने महाप्रभु से प्रार्थना की कि उनकी कृपा से छत्तीसगढ़ विकास, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक गौरव के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ता रहे तथा प्रत्येक नागरिक का जीवन सुख, शांति और समृद्धि से परिपूर्ण हो।
रथयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। सुबह से ही मंदिर परिसर में दर्शनार्थियों की लंबी कतारें लग गई थीं। महिलाएं, युवा, बुजुर्ग और बच्चे पारंपरिक वेशभूषा में भक्ति में लीन दिखाई दिए। भजन-कीर्तन, धार्मिक अनुष्ठानों और महाप्रभु के सुसज्जित रथ के दर्शन ने पूरे आयोजन को आध्यात्मिक उल्लास से भर दिया।
भगवान श्री जगन्नाथ की रथयात्रा भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का ऐसा महापर्व है, जो सामाजिक समरसता, समानता और लोककल्याण का संदेश देता है। इस रथयात्रा में बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों के लोग शामिल होकर महाप्रभु का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं, इसलिए इसे लोक आस्था का सबसे बड़ा उत्सव माना जाता है।
रायपुर में आयोजित इस भव्य रथयात्रा ने न केवल धार्मिक आस्था को नई ऊंचाई दी, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक एकता और सामाजिक सद्भाव की भावना को भी मजबूत किया। प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व की गरिमामयी उपस्थिति ने इस आयोजन को और अधिक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण बना दिया।



