छत्तीसगढ़ में अभी हैं तो 10 मंत्री मगर इनमें से दो-तीन ही सुखी याने अफसरशाही की दृष्टि से कंफर्टेबल होंगे। बाकी मंत्रियों का न तो अपना पारफर्मेंस ठीक है और न ही वे जो करना चाह रहे, सिकरेट्री उन्हें करने दे रहे। कुछ मंत्री अपनी महिला सचिवों से संतुष्ट नहीं हैं…वे अपनी चलाना चाहते हैं मगर सख्त महिला अधिकारी उनकी चलने नहीं दे रहीं। डेपुटेशन से लौटे एक तेज-तर्रार सिकरेट्री ने एक मंत्रीजी के सपनों को तोड़ दिया। मंत्रीजी अब खुद ही रजिस्टर लेकर 10-10, 20-20 हजार का हिसाब देख रहे। कंफर्टेबल मंत्रियों में आप अरुण साव, ओपी चौधरी, टंकराम वर्मा को मान सकते हैं। अरुण साव के सिकरेट्री कमलप्रीत सिंह की खासियत यह है कि जिसके साथ उन्हें लगा दो, मंत्री को दिक्कत नहीं होती। ओपी चौधरी के सचिवों की तो बात ही अलग है…चेले, दोस्त, यार जो बोल लो। अविनाश चंपावत भी टंकराम वर्मा को कभी दुखी नहीं होने देते।


