छत्‍तीसगढ़ में भाजपा सरकार को घेरने में कांग्रेस कोई कसर नहीं छोड़ रही है। इसी बीच एनएसयूआइ ने प्रदेश में किसी भी तरह के धरना-प्रदर्शन या आंदोलन पर रोक लगा दी है। एनएसयूआइ के प्रदेशाध्यक्ष नीरज पांडेय ने कहा कि एनएसयूआइ के नाम पर कुछ अन्य लोगों द्वारा ज्ञापन, धरना-प्रदर्शन की शिकायतें आई थी, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया है।

 

  1. एनएसयूआइ के आदेश के बाद भाजपा ने कहा- कांग्रेस में गुटबाजी तेज
  2. NSUI के नाम पर कुछ अन्य लोग कर रहे धरना-प्रदर्शन और आंदोलन
  3. कांग्रेस ने बताया अनुशासन बनाए रखने के लिए जारी किया ऐसा सर्कुलर 

छत्‍तीसगढ़ में एनएसयूआइ के बिना सूचना किसी भी तरह के धरना-प्रदर्शन या आंदोलन किए जाने पर रोक लगा दी गई है। जानकारी के मुताबिक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के दिशा-निर्देशों के बाद एनएसयूआइ के प्रदेश अध्यक्ष ने यह आदेश जारी किया है। आदेश में उल्लेखित है कि बिना सूचना दिए किसी भी तरह का प्रदर्शन करने पर संबंधित पदाधिकारी के खिलाफ संगठनात्मक कार्यवाही की जाएगी। धरना-प्रदर्शन या ज्ञापन से पहले प्रदेश संगठन महामंत्री एवं अपने जिला अध्यक्ष को कार्यक्रम के बारे में अवगत कराना जरूरी होगा।

एनएसयूआइ के प्रदेशाध्यक्ष नीरज पांडेय ने इस मामले पर कहा कि एनएसयूआइ के नाम पर कुछ अन्य लोगों द्वारा ज्ञापन, धरना-प्रदर्शन की शिकायतें आई थी, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया है। जानकारी के बिना प्रदर्शन की वजह से भी दिक्कतें हो रही थी। इसलिए यह आदेश जारी करना पड़ा। इस मामले पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पार्टी के कार्यक्रमों के लिए एक अनुशासन होता है। अनुशासन बनाए रखने के लिए ऐसा सर्कुलर जारी किया गया है।

बलौदाबाजार, सूरजपुर व रायपुर में मामले

 

सूत्रों के मुताबिक बलौदाबाजार घटनाक्रम में एनएसयूआइ पदाधिकारी पर एफआइआर, सूरजपुर घटनाक्रम व रायपुर में गैर मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के खिलाफ लगातार धरना-प्रदर्शन के बाद संगठन पर दबाव बढ़ गया है। साथ ही प्रदेश कांग्रेस की तरफ से भी दबाव बढ़ने की वजह से एनएसयूआइ को यह पत्र जारी करना पड़ा।

 

भाजपा ने कहा- कांग्रेस में 36 गुट

 

भाजपा के प्रदेश महामंत्री जगदीश (रामू) रोहरा ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व अपने ही छात्र संगठन एनएसयूआइ के आंदोलन-प्रदर्शन पर पाबंदी लगाए जाने से विवादों में हैं। कांग्रेस में मचे घमासान और उसके विभिन्न सहयोगी संगठनों की दिशाहीनता का जीवंत प्रमाण निरुपित किया गया है।

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस में 36 गुट हैं और नेता व कार्यकर्ता एक-दूसरे पर आरोप मढ़कर अपमानित करने भी बाज नहीं आ रहे हैं। कार्यकर्ताओं को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल स्लीपर सेल कह देते हैं तो कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता उनके खिलाफ बेहिचक मोर्चा खोल रहे हैं। अब अपने ही छात्र संगठन के आंदोलन-प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाने की नौबत आ गई है।

 

सूरजपुर मामले में जांच समिति गठित

 

सूरजपुर में कांग्रेस, एनएसयूआइ कार्यकर्ता व पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार के मामले में प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जांच समिति गठित कर दी है। नौ सदस्यीय जांच समिति में प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष जेपी श्रीवास्तव समिति के संयोजक रहेंगे। समिति के सदस्य जिला मुख्यालय का दौरा कर घटना की रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपेगी।

 

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