बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कांग्रेस पार्टी ने बड़ा दांव खेलते हुए छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सीनियर ऑब्जर्वर नियुक्त किया है। इस फैसले के बाद न केवल बिहार की सियासत में हलचल मच गई है, बल्कि छत्तीसगढ़ की राजनीति भी एक बार फिर गरमा गई है।
सीएम विष्णुदेव साय ने भूपेश बघेल की नियुक्ति पर तीखा प्रहार करते हुए कहा, “राहुल गांधी और भूपेश बघेल जहां जाते हैं, वहां कांग्रेस का क्या हाल होता है, यह सब जानते हैं।” वहीं, केंद्रीय राज्य मंत्री राजभूषण चौधरी ने तंज कसते हुए कहा कि “कांग्रेस ने बिहार में भ्रष्ट चेहरों को भेजा है, ऐसे नेताओं के वहां जाने से एनडीए को ही फायदा होगा।”
भाजपा के इन बयानों पर कांग्रेस ने भी पलटवार किया। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धनेंद्र साहू ने कहा, “भाजपा के नेता भूपेश बघेल से इतना डरते क्यों हैं? उनके नेतृत्व में ही भाजपा 14 सीटों तक सिमट गई थी।”
भूपेश बघेल के बिहार चुनाव में सक्रिय होने से अब सियासी माहौल और अधिक गर्माने की संभावना है। कांग्रेस इसे अपने संगठन की मजबूती के रूप में देख रही है, जबकि भाजपा इसे “बिहार में कांग्रेस के पतन की शुरुआत” बता रही है।


